उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य मंत्रिमंडल ने प्रदेश के सभी सरकारी अधिवक्ताओं के मानदेय व मासिक भत्तों में 50 फीसदी की ऐतिहासिक वृद्धि की है। भाजपा विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक,वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशान्त सिंह अटल ने कहा कि यह निर्णय स्वागतयोग्य व सराहनीय है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य मंत्रिमंडल ने प्रदेश के सभी सरकारी अधिवक्ताओं के मानदेय व मासिक भत्तों में 50 फीसदी की ऐतिहासिक वृद्धि की है। भाजपा विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक,वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशान्त सिंह अटल ने कहा कि यह निर्णय स्वागतयोग्य व सराहनीय है।
प्रशान्त सिंह अटल ने कहा कि यह निर्णय न केवल अधिवक्ताओं के सम्मान और मनोबल को बढ़ाएगा, बल्कि न्यायिक कार्यों की गुणवत्ता एवं दक्षता को भी सुदृढ़ करेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने अधिवक्ताओं के योगदान को स्वीकार करते हुए उनकी दीर्घकालिक मांग को पूरा किया है, जिसके लिए मुख्यमंत्री व मंत्रिमंडल का हार्दिक आभार।
राज्य के विधि अधिकारियों की फीस और मानदेय में भी बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई। जिला शासकीय अधिवक्ताओं का मासिक मानदेय 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 14 हजार रुपये कर दिया गया है, जबकि प्रति सुनवाई फीस 1650 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये कर दी गई है। अपर जिला शासकीय अधिवक्ताओं का मानदेय भी 7900 रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के विधि अधिकारियों को सीधा लाभ मिलेगा।