डिजिटल डेस्क, पर्दाफाश। आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर तीखा पलटवार करते हुए संकेत दिए हैं कि अंदरूनी विवाद गहराता जा रहा है। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से पार्टी के कुछ नेता सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर राघव चड्ढा पर आरोप लगा रहे थे कि उन्होंने संसद में पंजाब के अहम मुद्दों को प्रभावी ढंग से नहीं उठाया।
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क्या बोले राघव चड्ढा-
इन आरोपों के जवाब में राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर करीब तीन मिनट का वीडियो साझा किया। इसके साथ उन्होंने एक तीखा संदेश भी लिखा—“AAP के मेरे उन साथियों के लिए, जिन्हें यह वीडियो जारी करने के लिए मजबूर किया गया… उनके लिए पेश है एक छोटा सा ट्रेलर, पिक्चर अभी बाकी है।” उनके इस बयान को पार्टी के अंदर चल रही गुटबाजी का संकेत माना जा रहा है।
To my colleagues in AAP who were forced to issue videos saying that “Raghav Chadha failed to raise Punjab’s issues in Parliament”, here is a small trailer…Picture Abhi Baaki Hai.
Punjab isn’t a talking point for me. It is my home, my duty, my soil, my soul
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— Raghav Chadha (@raghav_chadha) April 5, 2026
राघव चड्ढा ने अपने जवाब में भावनात्मक रुख भी अपनाया। उन्होंने कहा कि पंजाब उनके लिए सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि उनकी पहचान और जिम्मेदारी है। “पंजाब मेरी भूमि है, मेरा कर्तव्य है, मेरी मिट्टी है और मेरी रूह है,” उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा। साथ ही, उन्होंने संसद में पंजाब से जुड़े मुद्दे उठाने वाले अपने पुराने वीडियो का संकलन भी साझा किया, ताकि यह दिखाया जा सके कि वह लगातार राज्य के हितों की आवाज उठाते रहे हैं।
कहां से शुरू हुआ आम आदमी पार्टी बनाम राघव चड्ढा
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब पंजाब सरकार के वरिष्ठ नेताओं—हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा और कुलदीप सिंह धालीवाल—ने संयुक्त रूप से राघव चड्ढा की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि चड्ढा ने राज्य के कई महत्वपूर्ण वित्तीय और राहत से जुड़े मुद्दों को संसद में प्रभावी ढंग से नहीं उठाया। इनमें ग्रामीण विकास निधि के हजारों करोड़ रुपये के बकाया, जीएसटी से जुड़े नुकसान और बाढ़ राहत के लिए घोषित राशि जैसे मुद्दे शामिल हैं।
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पार्टी नेताओं ने उनकी चुप्पी को “निराशाजनक” बताते हुए कहा कि एक राज्यसभा सांसद होने के नाते उनसे उम्मीद थी कि वे राष्ट्रीय स्तर पर पंजाब के मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वहीं, राघव चड्ढा का पलटवार इस बात का संकेत दे रहा है कि पार्टी के भीतर मतभेद अब सार्वजनिक रूप ले चुके हैं।
फिलहाल, इस पूरे मामले ने आम आदमी पार्टी के अंदरूनी समीकरणों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राघव चड्ढा के “ट्रेलर” वाले बयान के बाद अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि उनकी “पूरी पिक्चर” में क्या नए खुलासे सामने आते हैं।