छत्तीसगढ़ के एक होटल में प्रार्थना सभा की सूचना के बाद कथित धर्मांतरण को लेकर विवाद हो गया। रिपोर्टों के अनुसार, होटल में 15 कमरे बुक थे और करीब 40 लोग ठहरे हुए थे। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने धर्मांतरण के आरोप लगाते हुए विरोध किया, जिसके दौरान हंगामे और हाथापाई की खबर सामने आई।
Religious Conversion: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एक होटल में प्रार्थना सभा को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कथित धर्मांतरण की आशंका जताते हुए बजरंग दल के कार्यकर्ता होटल पहुंचे, जिसके बाद वहां हंगामे और मारपीट की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले से जुड़ी जानकारी जुटाई।
जानकारी के मुताबिक, होटल में करीब 15 कमरे बुक कराए गए थे, जिसमें करीब 40 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई थी। बताया जा रहा है कि इसमें लाफा, पाली और कटघोरा सहित अलग-अलग इलाकों से लोग पहुंचे थे।
🚨 Chhattisgarh: Bajrang Dal catches MISSIONARY John Messiah, accusing him of attempting to CONVERT 40+ tribal Hindus after booking 10 hotel rooms.
Allegations also emerge of a residential house being converted into "Indian Prayer Church."
Accused HANDED OVER to police. https://t.co/lhmmzNAIQ7
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रिपोर्टों के अनुसार, सभी कमरे जॉन मसीह के नाम से बुक किए गए थे और 40 लोगों में से करीब 10 लोग हिंदू परिवार के थे। वहां प्रार्थना सभा आयोजित होने की सूचना मिलने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता होटल पहुंचे और विरोध जताया।
बजरंग दल के जिला प्रमुख राणा मुखर्जी ने आरोप लगाया कि लोगों को प्रलोभन देकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा था। उन्होंने मानिकपुर क्षेत्र में इंडियन प्रेयर चर्च के माध्यम से ऐसी गतिविधियां संचालित होने का भी दावा किया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। केवल प्रार्थना सभा आयोजित होने से अवैध धर्मांतरण साबित नहीं होता।
विवाद के दौरान कुछ लोगों के साथ हाथापाई होने की जानकारी भी सामने आई है। घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की खबर है। इसके अलावा होटल में कुछ लोगों के बिना पहचान पत्र ठहरने का आरोप भी लगाया गया है।
पुलिस के अनुसार, अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों से पूछताछ की। अब होटल की बुकिंग, वहां ठहरे लोगों की पहचान, प्रार्थना सभा के आयोजन और विवाद के दौरान हुई मारपीट से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही कथित धर्मांतरण के आरोपों और घटना की वास्तविक परिस्थितियों पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।