मेडिकल कॉलेज में जांच के बाद सर्किट हाउस पहुंचे आशुतोष ने मीडिया से बता की। शंकराचार्य पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला उनकी ही शह पर हुआ है। वह चाहता है कि हमने अदालत में इसके खिलाफ साक्ष्य दिया है। उसी आधार पर कोर्ट के आदेश पर एफआईआर की गई। अब इसने एक पक्षीय आदेश करवा लिया था।
प्रयागराज । आशुतोष महाराज पर रविवार को चलती ट्रेन में जानलेवा हमला हुआ। आशुतोष महाराज ने बताया कि रीवा एक्सप्रेस ट्रेन (Rewa Express Train) से गाजियाबाद से प्रयागराज जा रहा था। फर्स्ट AC कोच में बैठा था। रास्ते में सिराथू रेलवे स्टेशन (Sirathu Railway Station) के पास सुबह करीब 5 बजे एक अज्ञात हमलावर ने धारदार हथियार से उनकी नाक काटने की कोशिश की। चेहरे और हाथ पर कई वार किए। गंभीर चोटें आईं। काफी खून बहा।
मेडिकल कॉलेज में जांच के बाद सर्किट हाउस पहुंचे आशुतोष ने मीडिया से बता की। शंकराचार्य पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला उनकी ही शह पर हुआ है। वह चाहता है कि हमने अदालत में इसके खिलाफ साक्ष्य दिया है। उसी आधार पर कोर्ट के आदेश पर एफआईआर की गई। अब इसने एक पक्षीय आदेश करवा लिया था। हम अपना पक्ष रखेंगे। ये हमें रोकना चाह रहा था, इसलिए इसने हमारे ऊपर हमला कराया है।
खून जितना बहा है मेरा, एक-एक खून का बदला लेंगे। हम उनको कानून से मारेंगे। झूठ बोलता है। अपने ऊपर कोई हमला करा लेगा क्या। वह अपनी नाक कटवाकर देख ले। हमें दिखना बंद हो गया। सुबह से चेकअप पर चेकअप हो रहा है। इसमें सब गड़बड़ ही आ रहा है। हम अब पीछे नहीं हटेंगे। हमारे सभी समर्थक भड़क गए हैं। हमला करने वाले ने स्वीकार्य किया है। वह सुबूत पुलिस तक पहुंच गया है। उसने कहा है कि तुमने हमारे गुरू के खिलाफ पॉक्सो का मुकदमा कराया है। वह कह रहा था तुम्हारी नाक काट कर अपने गुरू के चरणों में चढ़ाना है।
हमलावर के पास धारदार हथियार था, उस्तरा या चक्कू की तरह था, पैना। वह अकेला था। बॉडी-बिल्डर की तरह। हम बाथरूम की तरफ जा रहे थे तो वह गेट पर खड़ा था। हमने सोचा कोई सवार है, जो अगले स्टेशन पर उतरने के लिए खड़ा है। इसी बीच उसने हम पर हमला किया तो हमने बचने के लिए अपना चेहरा नीचे कर लिया। अपने बचाव में घूसे से मारा। खड़ाऊं से मारा। दूसरी बोगी के लोग चिल्ला रहे थे।
हमले से हमें दिखना कम हो गया है, व्हाटसएप का मैसेज पढ़ नहीं पा रहे हैं। हम चाहते हैं, हमारे पास जो साक्ष्य है, वह हमें अदालत में पेश करने तक सुरक्षित रखा जाए। उसके बाद हमें मार दें, कोई परेशानी नहीं है।