नई दिल्ली। पुरुष हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 (Men’s Hockey Asian Champions Trophy 2026) का मंगलवार से होगा। इससे पहले भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा है। अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह पिंडली की चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह विवेक सागर प्रसाद को भारतीय टीम में शामिल किया गया है। छह टीमों की यह प्रतियोगिता 27 अक्तूबर से पांच नवंबर तक पंजाब के जालंधर और मोहाली में खेली जाएगी। मेजबान भारत की नजरें घरेलू मैदान पर खिताब बचाने और एशियाई हॉकी में अपना दबदबा कायम रखने पर होंगी।
पढ़ें :- गंभीर ने अगरकर की विदाई पर लिखा भावुक पोस्ट, कहा- इतिहास आपको हमेशा अच्छे नज़रिए से देखेगा
दो दशक बाद हॉकी की पंजाब में वापसी
टूर्नामेंट के पहले चरण के मुकाबले जालंधर के ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे, जबकि सेमीफाइनल और पदक मुकाबलों की मेजबानी मोहाली का ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम करेगा। पंजाब में करीब दो दशक बाद इस प्रतियोगिता के जरिए अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी हो रही है।
चोट के कारण बाहर हुए मनप्रीत
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह (Indian captain Harmanpreet Singh) ने सभी छह टीमों के कप्तानों की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मनप्रीत सिंह के चोटिल होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभ्यास सत्र के दौरान पिंडली में चोट लगने के कारण मनप्रीत टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। उनकी जगह प्लेमेकर विवेक सागर प्रसाद को टीम में शामिल किया गया है।
पढ़ें :- तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने मानी अपनी गलती, चैंपियंस ट्रॉफी के बाद चल रहे टीम इंडिया से बाहर
मनप्रीत के लिए यह टूर्नामेंट खास होने वाला था। भारतीय टीम के इस अनुभवी खिलाड़ी ने 2011 में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। वह अब तक भारत के लिए 430 मैच खेल चुके हैं। उनके नाम दो ओलंपिक पदक और एशियाई खेलों में तीन स्वर्ण पदक हैं। हालांकि, अपने लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्हें पहली बार अपने गृह राज्य पंजाब में घरेलू दर्शकों के सामने खेलने का मौका मिलने की उम्मीद थी, जो चोट के कारण अधूरी रह गई।
मुख्यमंत्री भगवंत मान करेंगे उद्घाटन
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी (Asian Champions Trophy) का पहला मुकाबला 27 अक्तूबर को दोपहर एक बजे जालंधर के ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम में खेला जाएगा। इसके बाद शाम पांच बजे प्रतियोगिता का उद्घाटन समारोह आयोजित होगा। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (Punjab Chief Minister Bhagwant Singh Mann) समारोह का उद्घाटन करेंगे। डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया के अनुसार, मुख्यमंत्री के नेतृत्व में रिकॉर्ड चार महीने के भीतर स्टेडियम को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया गया है। अधिकारियों ने खेल प्रेमियों से बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने की अपील की है।
सभी मैचों में निशुल्क प्रवेश, डिजिटल पास जरूरी
दर्शकों के लिए टूर्नामेंट के सभी मुकाबलों में प्रवेश निशुल्क रहेगा। हालांकि, स्टेडियम में प्रवेश के लिए डिजिटल पास बनवाना अनिवार्य होगा। पास पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करने के बाद ही दर्शकों को प्रवेश मिलेगा। पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह (Police Commissioner Satinder Singh) ने बताया कि दर्शकों की सुविधा के लिए पार्किंग और यातायात के विशेष प्रबंध किए गए हैं। पार्किंग स्थल से स्टेडियम तक पहुंचने के लिए दर्शकों को करीब 100 मीटर पैदल चलना पड़ सकता है। अधिकारियों ने लोगों से समय से पहले पहुंचने और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
पाकिस्तान के हटने के बाद बांग्लादेश को मौका
टूर्नामेंट में भारत के अलावा जापान, चीन, मलेशिया, दक्षिण कोरिया और बांग्लादेश की टीमें हिस्सा लेंगी। शुरुआत में पाकिस्तान की भागीदारी की घोषणा की गई थी, लेकिन पाकिस्तान हॉकी महासंघ ने भारत में खेलने से इनकार कर दिया और प्रतियोगिता को तटस्थ स्थान पर आयोजित करने की मांग की थी। इसके बाद पाकिस्तान की जगह बांग्लादेश को टूर्नामेंट में शामिल किया गया।
पिछले महीने मोहाली में प्रतियोगिता के कार्यक्रम की घोषणा के दौरान पाकिस्तान की भागीदारी की जानकारी दी गई थी। उस समय बांग्लादेश और ओमान को रिजर्व टीमों में रखा गया था। पाकिस्तान के हटने के बाद बांग्लादेश को मुख्य प्रतियोगिता में जगह मिली है। उसके लिए यह एशियाई स्तर पर अपनी क्षमता साबित करने का अहम अवसर होगा।
भारत और पाकिस्तान के बीच 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद से द्विपक्षीय हॉकी सीरीज नहीं खेली गई है। पाकिस्तान ने आखिरी बार 2023 में भारत में आयोजित एशियन चैंपियंस ट्रॉफी (Asian Champions Trophy) में हिस्सा लिया था, जहां वह छह टीमों के बीच पांचवें स्थान पर रहा था। पिछले साल भारत में आयोजित एशिया कप और जूनियर एशिया कप में भी पाकिस्तानी टीम ने भाग नहीं लिया था।
एशियाई खेलों में स्वर्ण के बाद अब चैंपियंस ट्रॉफी पर नजर
भारतीय पुरुष हॉकी टीम (Indian Men’s Hockey Team) ने हाल ही में जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालिफाई किया था। अब टीम के सामने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी (Asian Champions Trophy) में अपना प्रदर्शन दोहराने की चुनौती होगी। भारतीय टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने कहा कि एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना बड़ी उपलब्धि थी, लेकिन अब टीम का पूरा ध्यान एशियन चैंपियंस ट्रॉफी (Asian Champions Trophy) पर है। खिलाड़ियों को अपनी लय और प्रदर्शन बरकरार रखना होगा।
भारत इस प्रतियोगिता के इतिहास की सबसे सफल टीमों में शामिल है। उसने अब तक रिकॉर्ड पांच बार खिताब जीता है। दक्षिण कोरिया भी पहले इस ट्रॉफी को अपने नाम कर चुका है। ऐसे में भारतीय टीम घरेलू दर्शकों के सामने एक बार फिर खिताब जीतने की प्रबल दावेदार मानी जा रही है।
बांग्लादेश के खिलाफ अभियान शुरू करेगा भारत
भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 27 अक्तूबर को बांग्लादेश के खिलाफ करेगी। इसके बाद लीग चरण में उसका सामना चीन, जापान, मलयेशिया और दक्षिण कोरिया से होगा।
भारत के लीग मुकाबलों का कार्यक्रम
27 अक्तूबर: भारत बनाम बांग्लादेश
29 अक्तूबर: भारत बनाम चीन
30 अक्तूबर: भारत बनाम जापान
1 नवंबर: भारत बनाम मलयेशिया
2 नवंबर: भारत बनाम दक्षिण कोरिया
जालंधर में 27 अक्तूबर से दो नवंबर तक लीग चरण के मुकाबले खेले जाएंगे। इसके बाद प्रतियोगिता मोहाली पहुंचेगी, जहां चार और पांच नवंबर को सेमीफाइनल तथा पदक मुकाबले आयोजित किए जाएंगे।