Bhanu Saptami Upay 2026 : भगवान सूर्य नारायण जगत को प्रकाशित करते है। सूर्य देव का एक और नाम भानू सप्तमी है। पौराणिक मान्यता है कि भानू सप्तमी के दिन भगवान सूर्य की पूजा , उपासना और व्रत का पालन करने से जीवन प्रकाशित हाता है। ज्योतिष में सूर्य देव को आत्मा और आत्मविश्वास का करक माना जाता है। रविवार के साथ सप्तमी तिथि के संयोग को भानु सप्तमी या रवि सप्तमी के नाम से भी जाना जाता है।
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भानु सप्तमी (रविवार, 21 जून 2026) के दिन सूर्य देव की कृपा पाने के लिए सुबह जल्दी उठकर तांबे के लोटे में जल, लाल फूल, अक्षत और रोली मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें। इसके साथ ही ‘ॐ घ्रीणी सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करना और जरूरतमंदों को गुड़-तिल का दान करना बेहद शुभ माना जाता है।
स्वास्थ्य संबंधी समस्या के लिए रविवार को रवि सप्तमी के दिन आपको सूर्य भगवान को जल से अर्घ्य देना चाहिए और हाथ जोड़कर प्रार्थना करनी चाहिए।
ज्यादा आलस्य आता है, जिससे आप अपना कोई भी काम नहीं कर पाते हैं, तो रविवार के दिन आपको सूर्य भगवान के निमित्त व्रत करना चाहिए। इस व्रत में आपको एक समय भोजन करना है, लेकिन ध्यान रहे कि आपको बिना नमक का भोजन करना है।
आर्थिक समस्याओं से घिरे रहते है तो उसको दूर करने के लिए रविवार के दिन आपको चींटियों के बिल में आटा डालना चाहिए। अगर भूरी या लाल चींटियों का बिल हो, तो और भी अच्छा है।
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