LPG को लेकर शनिवार को दिल्ली में प्रेस ब्रीफिंग करते हुए सरकार की तरफ से बताया गया कि, कुछ जहाज जो भारत के लिए रवाना हुए थे, वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सफलतापूर्वक गुजर चुके हैं। 2 भारतीय जहाजों (शिवालिक और नंदा देवी) ने इस जलडमरूमध्य को पार किया है और अब वे भारत के बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं।
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर दुनियाभर में दिखने लगा है। सबसे ज्यादा डीजल—पेट्रोल के साथ ही रसोई गैस की दिक्कत देखने को मिल रही है। भारत में भी रसोई गैस का संकट देखने को मिल रहा है, जिसके कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन सबके बीच देश में रसोई गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार अहम कदम उठा रही है।
LPG को लेकर शनिवार को दिल्ली में प्रेस ब्रीफिंग करते हुए सरकार की तरफ से बताया गया कि, कुछ जहाज जो भारत के लिए रवाना हुए थे, वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सफलतापूर्वक गुजर चुके हैं। 2 भारतीय जहाजों (शिवालिक और नंदा देवी) ने इस जलडमरूमध्य को पार किया है और अब वे भारत के बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं।
इन दोनों जहाजों में से प्रत्येक में 46,000 मीट्रिक टन से अधिक एलपीजी लदा हुआ है, जिससे कुल मिलाकर 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में कई भारतीय जहाज अभी भी स्टैंडबाय पर हैं। भारत सभी संबंधित देशों के साथ संपर्क में बना हुआ है ताकि जहाजों का सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित किया जा सके। यह प्रयास भारत की ऊर्जा सुरक्षा को बनाए रखने के लिए किया जा रहा है।
वहीं, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने कहा, “व्यावसायिक सिलेंडर के बारे में काफी चर्चा हुई है उसके बाद निर्णय ये लिया गया कि व्यावसायिक उपभोक्ता को कुछ LPG दी जाए और इस संबंध में राज्य सरकार से भी बात हुई है …और लगभग 29 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में व्यावसायिक सिलेंडर का वितरण शुरू हो गया है और वो ग्राहक को मिल रहे है।