पटना। बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) को लेकर राजनीतिक गलियारों से बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) दो से तीन चरणों में हो सकते हैं। चुनाव की तारीखें दिवाली और छठ पर्व को ध्यान में रखकर तय की जाएगी। बताते चलें कि बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को खत्म हो रहा है, इसलिए चुनाव प्रक्रिया उससे पहले पूरी हो जानी चाहिए। चुनाव आयोग (Election Commission) बिहार चुनाव (Bihar Election) की तैयारियों में जोर-शोर से जुटा है। मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) इसी महीने (जून) बिहार दौरे पर आएंगे।
पढ़ें :- अमेरिकी डील का ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान किया समर्थन, बोले- जंग से निकलने का यही एकमात्र रास्ता
वहीं इससे पहले चुनाव आयोग अपने कर्मचारियों को प्रशिक्षण दे रहा है। आयोग महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली जैसी मतदाता सूचियों को लेकर आरोपों से बचने की कोशिश कर रहा है। इसीलिए बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को भी प्रशिक्षण दिया जा चुका है। सभी बीएलओ को पहचान पत्र दिए जाएंगे, ताकि वे घर-घर जाकर सत्यापन कर सकें। बिहार में मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए अभियान चलाया जाएगा, ताकि 18 साल की उम्र वाले युवाओं के नाम जोड़े जा सकें।
2020 में कब हुए थे विधानसभा चुनाव?
अब डुप्लीकेट ईपीआईसी (इलेक्टर्स फोटो आइडेंटिटी कार्ड) नंबर नहीं होंगे, उन्हें खत्म कर दिया गया है। चुनाव आयोग (Election Commission) भी एआई से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है। जल्द ही आयोग के भीतर एआई से संबंधित मुद्दों पर निगरानी के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा। बता दें, बिहार विधानसभा (Bihar Assembly) 2020 का चुनाव 28 अक्टूबर से 7 नवंबर के बीच तीन चरणों में हुआ था। पिछले साल में पहले फेज में यह चुनाव 71 सीट, दूसरे फेज में 94 और तीसरे फेज में 78 सीटों पर चुनाव हुए थे। वहीं 10 नवंबर को विधानसभा चुनाव का रिजल्ट जारी हुआ था।
अक्टूबर में है दिवाली और छठ का त्योहार
पढ़ें :- मुकेश खन्ना ने फिर दोहराया 'जन गण मन मेरे देश का राष्ट्रगान नहीं हो सकता', वे चाहते हैं कि वंदे मातरम भारत का राष्ट्रगान बने
इस बार दिवाली और छठ पूजा का त्योहार अक्टूबर महीने में ही मनाया जाएगा। ऐसे में चुनाव आयोग दिवाली और छठ पूजा को देखते हुए चुनाव की तारीखों का ऐलान करेगा। बताया जा रहा है कि चुनाव की तारीखों का ऐलान कुछ इस तरह से किया जाएगा कि लोगों को त्योहार मनाने में किसी तरह की परेशानी न हो। चुनाव की घोषणा से पहले आयोग विभिन्न दलों से भी चर्चा करेगी और उसके बाद ही तारीखों का ऐलान करेगी।