लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी और फर्रुखाबाद जिलों में 10 फरवरी को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (National Deworming Day) के तहत स्कूलों में बच्चों को पेट के कीड़े मारने वाली दवा (Albendazole tablets) दी गई थी। इस अभियान के दौरान लगभग 120 से ज्यादा बच्चे बीमार पड़ गए, जिनमें सिरदर्द, उल्टी, बेचैनी जैसी शिकायतें आईं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन ज्यादातर बच्चों की हालत स्थिर बताई गई और इलाज के बाद कई को छुट्टी दे दी गई।
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इसी खबर को संज्ञान में लेते हुए कांग्रेस पार्टी ने अपने एक्स पोस्ट पर लिखा BJP का ‘जहरीला’ मॉडल। मैनपुरी और फर्रुखाबाद में नकली दवाई से 120 से ज्यादा बच्चे गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। इससे पहले मध्य प्रदेश और राजस्थान में जहरीली कफ सिरप कई मासूमों की जान ले चुकी है। पार्टी ने लिखा कि BJP का करप्ट और जहरीला सिस्टम- मासूमों की जान का दुश्मन बन गया है।
बता दें कि फर्रुखाबाद के कमालगंज ब्लॉक के राठौरा मोहद्दीनपुर गांव में जवाहर लाल प्रेमा देवी जूनियर हाईस्कूल में करीब 150 बच्चों में से लगभग 100 बच्चे प्रभावित हुए। दवा खाने के तुरंत बाद उल्टी और अन्य लक्षण दिखे, जिससे अफरा-तफरी मच गई और कई एंबुलेंस से बच्चों को अस्पताल ले जाया गया। इसके अलावा मैनपुरी के नगला कीरतपुर में एक सरकारी कम्पोजिट स्कूल में करीब दो दर्जन (20-25) बच्चे बीमार हुए।
क्या दवा नकली थी?
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मैनपुरी और फर्रुखाबाद में सैकड़ों बच्चों के बीमार होने की घटनाएँ कोई अलग-थलग हादसे नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में फैल चुकी मेडिकल इमरजेंसी की डरावनी तस्वीर हैं।
मैनपुरी के नगला कीरत कॉलोनी स्थित कंपोजिट विद्यालय में सैकड़ों मासूम बच्चों को नकली दवाएँ खिलाई गईं और अब फर्रुखाबाद में… pic.twitter.com/UdN75HodeO
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) February 10, 2026
समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी ने इसे नकली या जहरीली दवा बताते हुए सरकार पर लापरवाही और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने इसे “मेडिकल इमरजेंसी” और “BJP का जहरीला मॉडल” कहा। हालांकि CMO और जिलाधिकारी का कहना है कि दवा मानक Albendazole थी और लक्षणों का कारण एलर्जी, चिंता (anxiety), या भीड़ में घबराहट हो सकती है। सभी बच्चे अब ठीक हैं या स्थिर हैं, और कोई गंभीर मौत या स्थायी नुकसान की खबर नहीं है। जांच चल रही है कि दवा की गुणवत्ता, एक्सपायरी, या वितरण में कोई कमी तो नहीं थी।
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यह घटना बच्चों की सेहत और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठा रही है, खासकर जब हाल ही में अन्य राज्यों में जहरीली दवाओं से मौतें हुई हैं। प्रशासन का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन विपक्षी दल जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।