नई दिल्ली। सोशल मीडिया की दुनिया में इन दिनों ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) की धूम मची हुई है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत (Supreme Court Chief Justice Justice Surya Kant) के युवाओं और कॉकरोच को लेकर दिए गए बयान के बाद एक सोशल मीडिया कैंपेन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ख़ासी चर्चा में है। हालांकि, जस्टिस सूर्यकांत (Justice Surya Kant) ने बीते शनिवार को अपनी टिप्पणियों पर सफ़ाई जारी करते हुए कहा था कि मीडिया के एक वर्ग ने उनकी बातों को ग़लत तरीक़े से पेश किया। जस्टिस सूर्यकांत (Justice Surya Kant) के बयान के बाद एक व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया कैंपेन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ख़ासी चर्चा के केंद्र में है।
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बता दें कि विवादित टिप्पणी से शुरू हुआ यह मुद्दा इन दिनों के भीतर भारत का सबसे बड़ा ऑनलाइन ट्रेंड बन चुका है। लोग इसे एक ‘डिजिटल आंदोलन’ की तरह देख रहे हैं, अब तक 5.9 मिलियन से अधिक से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। इंस्टाग्राम पर इसके 5.9 मिलियन से ज्यादा और ‘X’ पर करीब 124.1K फॉलोअर्स हो गए हैं। भले ही यह कोई असली या रजिस्टर्ड राजनीतिक पार्टी नहीं है, लेकिन देश के बेरोजगार और सोशल मीडिया पर एक्टिव युवाओं के लिए यह गुस्से और विरोध जताने का एक नया जरिया बन गई है। जानें इस अनोखी ‘पार्टी’ के बारे में…
चीफ जस्टिस की टिप्पणी से भड़का गुस्सा
इस पूरी कहानी की शुरुआत 15 मई को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में हुई एक सुनवाई से हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश के चीफ जस्टिस सूर्यकांत (Justice Surya Kant) ने कथित तौर पर कुछ लोगों की तुलना ‘कॉकरोच’ (तिलचट्टों) से कर दी थी। उन्होंने कहा था कि कुछ युवा कॉकरोच की तरह होते हैं, जिन्हें कोई नौकरी या काम नहीं मिलता। उनमें से कुछ मीडिया, कुछ सोशल मीडिया या RTI एक्टिविस्ट बन जाते हैं और दूसरों पर निशाना साधना शुरू कर देते हैं।”
हालांकि, बाद में चीफ जस्टिस ने सफाई दी कि उनके बयान को मीडिया ने गलत तरीके से दिखाया और वे केवल फर्जी डिग्री लेकर वकालत में आने वाले लोगों की बात कर रहे थे। लेकिन तब तक यह बयान देश के बेरोजगार युवाओं को चुभ चुका था।
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मजाक-मजाक में खड़ी हो गई ‘पार्टी’
चीफ जस्टिस के बयान के अगले ही दिन यानी 16 मई को इंटरनेट पर कुछ युवाओं ने मजाक में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बना दी। उन्होंने ‘X’ पर एक गूगल फॉर्म शेयर किया ताकि लोग इस पार्टी की सदस्यता ले सकें। देखते ही देखते कुछ ही घंटों में हजारों लोग इससे जुड़ गए और 3 दिन में यह आंकड़ा 20 लाख के पार पहुंच गया।
आप के पूर्व वॉलेंटियर हैं इसके फाउंडर
इस डिजिटल आंदोलन (Digital Movement)को शुरू करने वाले शख्स का नाम अभिजीत दिपके (30 वर्ष) है। अभिजीत पहले ‘आम आदमी पार्टी’ (AAP) के सोशल मीडिया वॉलेंटियर रह चुके हैं और फिलहाल बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस की पढ़ाई कर रहे हैं। अभिजीत का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक मजाक को लोगों का इतना बड़ा समर्थन मिल जाएगा।
‘बेरोजगारों और दिनभर ऑनलाइन रहने वालों’ की आवाज
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पार्टी की ऑफिशियल वेबसाइट (Official Website) पर इसे उन युवाओं की आवाज बताया गया है “जिन्हें देश का सिस्टम गिनना ही भूल गया है।” इस पार्टी से जुड़ने के लिए मजेदार शर्तें रखी गई हैं, जैसे- आवेदक का ‘बेरोजगार’ होना, ‘दिनभर इंटरनेट पर एक्टिव’ रहना और ‘प्रोफेशनल तरीके से भड़ास निकालना’ आना जरूरी है।
मजे-मजे में गंभीर मुद्दों पर घेरा
भले ही इस पार्टी का अंदाज मजाकिया है, लेकिन इन्होंने अपना एक 5-पॉइंट का घोषणापत्र (Manifesto) भी जारी किया है। इसमें युवाओं ने देश में बेरोजगारी, सरकारी परीक्षाओं में धांधली (पेपर लीक), मीडिया पर कंट्रोल और चुनावी सुधारों जैसे गंभीर मुद्दों पर सिस्टम को घेरा है।
बड़े नेताओं और दिग्गजों का मिला साथ
इस आंदोलन की ताकत तब और बढ़ गई जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नेता महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) और कीर्ति आजाद (Kirti Azad) जैसे बड़े राजनेताओं ने भी इस ‘पार्टी’ में शामिल होने की इच्छा जताई। यही नहीं, दुनिया की पहली मुफ्त ईमेल सर्विस ‘हॉटमेल’ (Hotmail) के मालिक और मशहूर भारतीय-अमेरिकी बिजनेसमैन सबीर भाटिया (Indian-American Businessman Sabeer Bhatia) ने भी इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर इस पार्टी की तारीफ की है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ भले ही एक मजाक से शुरू हुई हो, लेकिन यह आज के युवाओं (Gen Z) के भीतर छिपे गुस्से और नौकरी न मिलने की हताशा को साफ-साफ बयां कर रही है।