आलू को सब्जियों का राजा कहा जाता है। इसके साथ हर सब्जी फिट बैठ जाती है और टेस्टी लगती है। जैसे आलू परवल,आलू टमाटर,आलू मटर,आलू गोभी वगैरह…।सिर्फ आलू को अकेले बनाया जाय तो भी बहुत टेस्टी सब्जी तैयार होती है।
पढ़ें :- राहुल गांधी ने Gen Z से की अपील, बोले- हर युवा का भविष्य सुरक्षित करना सरकार की ज़िम्मेदारी, ऐसी बने हुंकार जिसे अनसुना करना हो नामुमकिन
इतना ही नहीं आलू पराठा,आलू पूड़ी भी। यही वजह है आलू का सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाता है।कई लोग आलू को खाने से बचते है क्योंकि लोगो का मानना होता है कि आलू खाने से वजन बढता है।
एक वेबसाइट प्रकाशित लेख के अनुसार आलू जटिल कार्बोहाइड्रेट का एक अच्छा स्त्रोत है। जो ऊर्जा और जरुरी पोषक तत्व प्रदान करता है। साथ ही आलू विटामिन,खनिज,फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते है। एक मीडियम आलू में लगभग सौ कैलोरी होती है।
जो इसे कम कैलोरी वाला भोजन बनाता है। आलू में मौजूद फाइबर पाचन में सहायता करता है और पेट भरा होने का एहसास करता है। जिससे बार बार खाने की आदतसे बचते है। वजन नियंत्रित रहता है। आलू को लेकर एक मिथ है कि आलू से बनी सभी चीजें वजन बढ़ाती हैं।
जबकि सच्चाई यह है कि कुछ खास तरह की चीजें, जैसे डीप-फ्राई करना या मक्खन और चीज से भरना, आलू की कैलोरी सामग्री को काफी हद तक बढ़ा सकती हैं। लेकिन ऐसा आलू के कारण नहीं बल्कि इसे पकाने के तरीके के कारण होता है। आप आलू को कैसे पकाते हैं, इसका असर आपके वजन पर पड़ता है। अनावश्यक कैलोरी जोड़े बिना पोषक तत्वों को बनाए रखने के लिए बेकिंग, उबालना, भाप से पकाना या एयर फ्राई करना जैसे खाना पकाने के तरीकों का चयन करें।