Haryali Teej Vrat 2025 : हरियाली तीज 2025 का व्रत सुहाग और सौभाग्य की कामना के लिए रखा जाता है। सावन के महीने में पड़ने वाले व्रत त्योहारों में हरियाली तीज का त्योहार विशेष है। हरियाली तीज के पर्व में भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा की जाती है।खासतौर पर हरियाली तीज का पर्व महिलाओं के लिए बहुत खास होता है। इस दिन महिलाएं हाथों में मेहंदी और झूलों की रौनक – तीज का दृश्य किसी पर्व से कम नहीं लेकिन इस व्रत की पवित्रता बनाए रखने के लिए कुछ जरूरी नियमों का पालन भी बहुत ज़रूरी है।
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तीज का व्रत बिना पानी के (निर्जला) रखा जाता है। कई महिलाएं अनजाने में चाय या फल ले लेती हैं, जिससे व्रत टूट सकता है। अगर आप पूरी तरह स्वस्थ हैं, तो बिना पानी के व्रत रखें। अस्वस्थ या गर्भवती होने की स्थिति में डॉक्टर की सलाह लें।
हर साल हरियाली तीज शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है।
इस साल तृतीया तिथि 26 जुलाई, 2025 को 07:11 पी एम बजे शुरू होगा, जो अगले दिन 27 जुलाई , 2025 को 07:11 पी एम पर समाप्त होगा। उदयातिथि के अनुसार, यह पर्व 27 जुलाई को मनाया जाएगा।
पौराणिक मान्यता के अनुसार हरियाली तीज को भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन का पर्व माना जाता है। मान्यता है कि भगवान शिव को पाने के लिए माता पार्वती ने कठिन तप किया था। जिससे प्रसन्न होकर महादेव ने हरियाली तीज के पावन पर्व पर ही उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। कुछ ऐसे ही कामना लिए विवाहित स्त्रियां सुखी दांपत्य जीवन और और कुंवारी कन्याएं मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए हरियाली तीज का व्रत (Hariyali Teej Vrat)रखती हैं।
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व्रत के दिन हरा रंग पहनना शुभ
हरे रंग को हरियाली और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। काले और सफेद रंग से बचें और हरा, लाल या पीला रंग पहनें। सुई-कैंची जैसी चीजों का उपयोग न करें। तुलसी के पत्ते भी न तोड़ें, क्योंकि इससे देवी लक्ष्मी की कृपा बाधित हो सकती है।
व्रत पूर्ण होने के बाद अन्न, जल और वस्त्रों का दान करना आवश्यक है। यह व्रत को पूर्णता देता है और पुण्य में वृद्धि करता है।