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Heart attack: छोटे छोटे बच्चे हो रहे हैं हार्ट अटैक से मौत का शिकार, इतनी कम उम्र में हार्ट अटैक के हो सकते हैं ये कारण

By प्रिन्सी साहू 
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उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है यहां दो बच्चों की हार्ट अटैक से मौत हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अलीगढ़ के सिरौली गांव के रहने वाले मोहित चौधरी जो कक्षा 6 में पढ़ता है। वह एनुअल स्पोर्ट्स डे की तैयारी कर रहा था, बीते शुक्रवार प्रैक्टिस के दौरान उसे हार्ट अटैक आया और उसकी मौत हो गई।

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वहीं रविवार को लोधी नगर में रहने वाली दीक्षा अपने दोस्तों के साथ खेल रही थी अचानक उसकी हार्ट अटैक से मौत हो गई। पहले के जमाने में हार्ट अटैक को मिडिल और ओल्ड एज प्रॉब्लम समझा जाता था, लेकिन मौजूदा दौर में ये बीमारी उम्र नहीं देख रही है। छोटे बच्चों से लेकर युवाओं में को भी काफी ज्यादा दिल का दौरा पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार में कार्यरत डॉ. उदय प्रताप सिंह ने इसकी बड़ी वजह बताई है।

आजकल बच्चे कम फिजिकल एक्टिविटीज करते हैं। पहले टीवी के अलावा मनोरंजन का कोई साधन नहीं था तब बच्चे शाम के वक्त क्रिकेट, बॉलीबॉल और फुटबॉल वगैरह खेलते थे, लेकिन आजकल वो घंटों मोबाइल, टीवी, लैपटॉप और वीडियो गेम्स से चिपके रहते है। इससे मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

जंक फूड, तला-भुना खाना, और शुगर रिच सॉफ्ट ड्रिंक्स का अधिक सेवन बच्चों के शरीर में कोलेस्ट्रॉल और फैट को बढ़ाता है। इससे धमनियों में रुकावट हो सकती है, जो हार्ट अटैक का कारण बनती है।

पढ़ाई का दबाव, कॉम्पिटीशन, पैरेंट के एक्सपेक्टेशंस और सोशल मीडिया की लत बच्चों में मानसिक तनाव और चिंता को बढ़ा रहे हैं। ये कार्डियोवेस्कुलर डिजीज के रिस्क को बढ़ाने वाला अहम फैक्टर है।

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कुछ बच्चों में दिल की बीमारियां जन्म से ही हो सकती हैं या ये फैमिली हिस्ट्री से भीजुड़े हो सकते हैं। इसके अलावा कोविड-19 के बाद दिल से जुड़ी समस्याएं भी बच्चों में देखी गई हैं।

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