गया। बिहार में गया जिले के आमस प्रखंड में सरकारी स्कूल की खराब व्यवस्था से करीब 200 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने का मामला सामने आया है। स्कूल में महज दो कमरों में आठ कक्षाएं संचालित होती है। इस वजह से विद्यार्थियों को पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही है। कई बच्चों को धूप में बैठकर पढ़ाई करने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
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बताया जा रहा है कि स्कूल में कक्षा संचालन के लिए कमरों की संख्या जरूरत के हिसाब से काफी कम है। यहां एक ही समय में कई कक्षाओं को अलग-अलग जगहों पर बैठाकर पढ़ाना पड़ रहा है। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान परेशानी होती है और शिक्षकों के लिए भी सभी कक्षाओं को व्यवस्थित तरीके से संचालित करना चुनौती बना हुआ है। तेज धूप और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में खुले में पढ़ाई करना पड़ रहा है। ऐसे में खास तौर पर छोटे बच्चों के लिए पढ़ना मुश्किल हो जाता है।
इस खराब व्यवस्था को देखकर स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की संख्या के अनुपात में स्कूल में पर्याप्त भवन और कक्ष उपलब्ध कराए जाने चाहिए। उनका कहना है कि बेहतर शैक्षणिक माहौल के लिए बुनियादी सुविधाओं का होना जरूरी है। वहीं, स्कूल की स्थिति सामने आने के बाद अब शिक्षा विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। जरूरत है कि संबंधित अधिकारी स्कूल का निरीक्षण कर अतिरिक्त कक्षाओं और जरूरी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था को लेकर ठोस कदम उठाएं।
फिलहाल, दो कमरों में आठ कक्षाओं के संचालन और करीब 200 बच्चों के खुले में पढ़ने की तस्वीर ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था की जमीनी स्तर पर चुनौतीयों को सामने ला रही है।