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Janmashtami 2026 : जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण को लगाते हैं 56 भोग?  हर भोग में तुलसी दल (पत्ता) का होना अनिवार्य

By अनूप कुमार 
Updated Date

Janmashtami 2026: हिंदू धर्म में जन्माष्टमी का पर्व भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में बेहद श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। साल 2026 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी. पंचांग के मुताबिक, अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के संयोग में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं, मंदिरों और घरों में श्रीकृष्ण का श्रृंगार करते हैं और उन्हें उनकी प्रिय चीजों का भोग लगाते हैं। भगवान कृष्ण के हर भोग में तुलसी दल (पत्ता) का होना अनिवार्य है। तुलसी के बिना कान्हा कोई भी भोग स्वीकार नहीं करते हैं।

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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को 56 भोग लगाने की परंपरा सदियों पुरानी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महाभोग को अर्पित करने से भगवान अपने भक्तों से अत्यंत प्रसन्न होते हैं और उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी करते है।

56 भोग के पीछे की पौराणिक कथा

56 भोग लगाने की सबसे प्रचलित कथा गोवर्धन पर्वत से जुड़ी है:

इंद्र का प्रकोप: देवराज इंद्र के प्रकोप से ब्रजवासियों को बचाने के लिए श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठिका (छोटी उंगली) पर उठा लिया था।

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7 दिनों का उपवास: भगवान ने लगातार 7 दिनों तक बिना कुछ खाए-पिए ब्रजवासियों की रक्षा की थी।
8 पहर का भोजन: कान्हा माता यशोदा के हाथों से दिन में 8 बार (आठ पहर) भोजन करते थे।

56 व्यंजनों का गणित: जब इंद्र का अहंकार टूटा और बारिश रुकी, तब माता यशोदा और ब्रजवासियों ने कान्हा के उन 7 दिनों के छूटे हुए भोजन का हिसाब लगाया। 7 दिन × 8 पहर = 56। इसी आभार और स्नेह में उन्होंने कान्हा के लिए 56 प्रकार के स्वादिष्ट पकवान बनाए।

56 भोग में शामिल मुख्य व्यंजनइस महाप्रसाद में रस, स्वाद और बनावट के हिसाब से अलग-अलग सात्विक (बिना प्याज-लहसुन के) व्यंजन शामिल किए जाते हैं

दूध और डेयरी उत्पाद: माखन-मिश्री (कान्हा का सबसे प्रिय), पंचामृत, खीर, रबड़ी, दही, मलाई और छाछ।

मिठाइयाँ: पेड़ा, लड्डू, जलेबी, रसगुल्ला, मालपुआ, घेवर और हलवा।
नमकीन और मुख्य भोजन: पूरी, कचौड़ी, समोसा, मठरी, चीला, सादी कढ़ी, दाल, खिचड़ी और चावल।

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फल और सूखे मेवे: सेब, केला, अंगूर, बादाम, काजू, पिस्ता और किशमिश।
पेय और मुखवास: शिकंजी, नारियल पानी, इलाइची, सौंफ, और पान।

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