Krishna Janmashtami 2025 Date : भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्री कृष्ण का जन्म दुनियाभर धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल भगवान श्रीकृष्ण का 5252 वां जन्मोत्सव है। कृष्ण भक्त भगवान कृष्ण के गोपाल स्वरूप का पूजन कर उनकी झांकी सजाते है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कृष्ण पक्ष की अष्टमी को रात के समय रोहिणी नक्षत्र (Rohini Nakshatra) में भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ था। इसलिए हर वर्ष इसी दिन बड़े ही धूमधाम के साथ कान्हा जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस साल अष्टमी तिथि दो दिन होने के कारण असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि आखिर किस दिन श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाना शुभ होगा। इस भक्तगण जन्माष्टमी के व्रत का पालन करते है।
पढ़ें :- Sawan First Somwar 2026 : फलाहार में घोलें स्वाद और मिठास, बनाएं ये स्वादिष्ट फ्रूट व्यंजन
कृष्ण जन्माष्टमी 16 अगस्त 2025, शनिवार को मनाई जाएगी।
पूजा का शुभ मुहूर्त देर रात 12:04 से 12:47 बजे तक रहेगा।
जन्माष्टमी के दिन घर में एक बांसुरी लाकर रात्रि में कृष्ण जी की पूजा में अर्पित करें। दूसरे दिन इस बांसुरी को घर में पूर्व दिशा की दीवार पर तिरछी लगा दें। मान्यता है ऐसा करने से जीवन में खुशहाली आती हैं।
इन चीजों का लगाएं भोग
मक्खन
भगवान श्रीकृष्ण की विशेष कृपा पाने के लिए जन्माष्टमी पर प्रभु को मक्खन का भोग लगाना चाहिए।
पढ़ें :- Surya Nakshatra Parivartan 2026 : आज होगा सूर्य का नक्षत्र परिवर्तन , जानरें किन राशियों का होगा फायदा
पंजीरी
भगवान श्रीकृष्ण को पंजीरी का भोग अतिप्रिय है। इस कारण जन्माष्टमी पर पंजीरी का भोग लगाना चाहिए।
पेड़ा
लड्डू गोपाल को खोए से तैयार किए गए पेड़े का भोग लगाना चाहिए। पेड़े के भोग से भगवान श्रीकृष्ण तुरंत प्रसन्न होते हैं।
जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण को घेवर का भोग लगाना चाहिए।