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लोकसभा चुनाव 2024: महंगाई, बेरोजगारी के मुद्दे पर जनता खुद लड़ रही है चुनाव?

By टीम पर्दाफाश 
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लखनऊ। देश में लोकसभा चुनाव के चार चरण पूरे हो चुके हैं। तीन चरण के चुनाव अभी शेष हैं। सात चरणों के चुनाव के बाद 4 जून को लोकसभा चुनाव के परिणाम आएंगे। चुनाव परिणाम से पहले इंडिया गठबंधन और एनडीए गठबंधन के नेताओं की तरफ से अपने अपने दावे किए जा रहे हैं। हालांकि, 2024 का चुनाव पिछले दो चुनाव यानी 2014 और 2019 से बिल्कुल ही अलग लग रहा है। ऐसा लग रहा है कि इस बार नेता नहीं बल्कि जनता खुद चुनाव लड़ रही है। महंगाई, बेरोजगारी समेत कई अन्य मुद्दे को लेकर विपक्ष के नेता सत्ताधारी दल पर जमकर निशाना साध रहे हैं। ऐसे में अब देखना होगा कि क्या इन मुद्दों का असर चुनाव में होता है या नहीं ये तो नतीजे ही बतायेंगे।

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इन सबके बीच एक बात और सामने आ रही है कि इस बार का चुनाव दो धडों में बंट गया है। एक पक्ष सत्ता विरोधी है तो दूसरा समर्थन करने वाला। रैलियों में आ रही भीड़ भी इसका प्रमाण है। हालांकि, 2024 के चुनाव में साइलेंट वोटर चौंकाने वाले नतीजे दे सकते हैं। कुछ लोग इस बात का अनुमान लगा रहे हैं। दरअसल, मुद्दों की राजनीति भी इस चुनाव में युवा, किसान और महिलाओं को भा रहा है।

बता दें कि, 2014 और 2019 के चुनाव में एनडीए गठबंधन को रिकॉर्ड जीत मिली थी। 2019 के चुनाव में भाजपा अकेले ही 303 सीटों पर जीत दर्ज की थी। वहीं, 2024 के चुनाव में भाजपा ने 400 पारा का नारा दिया है, जबकि विपक्ष अपनी जीत का दावा कर रहा है। हालांकि, चुनाव के नतीजे चार जून को आयेंगे।

तो कांग्रेस की पांच गारंटियां बदलेंगे समीकरण
2024 का चुनाव कांग्रेस ने युवा, किसान और महिलाओं को लुभाने के लिए पांच बड़ी गारंटी दी है। कांग्रेस अपनी इस गारंटी को हर चुनावी जनसभा में लोगों को बता रही है। उनका दावा है कि, इंडिया गठबंधन की सरकार बनने पर कांग्रेस की गारंटियों से बड़ा बदलाव होगा।

कांग्रेस ने दी है ये गारंटी

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1. महिलाओं को साल में एक लाख रुपये देने का वादा।

2. भर्ती भरोसा : 30 लाख सरकारी पदों पर तत्काल स्थायी नियुक्ति की गारंटी।

3. पहली नौकरी पक्की : हर ग्रेजुएट और डिप्लोमाधारी को एक लाख रू प्रतिवर्ष स्टाइपेंड के अप्रेंटिसशिप की गारंटी।

4. पेपर लीक से मुक्ति : पेपर लीक रोकने के लिए नया कानून बना कर विश्वसनीय ढंग से परीक्षा के आयोजन की गारंटी।

5. GIG इकॉनोमी में सामाजिक सुरक्षा : GIG इकॉनोमी की वर्क फोर्स के लिए काम की बेहतर परिस्थितियों, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा की गारंटी।

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6. युवा रोशनी : ₹5000 करोड़ के राष्ट्रीय कोष से ज़िला स्तर पर युवाओं को स्टार्ट-अप फंड देकर उन्हें उद्यमी बनाने की गारंटी।

2019 में कुछ ऐसे थे चुनाव के नतीजे

बीजेपी- 303
कांग्रेस- 52
डीएमके- 23
टीएमसी- 22
YSRCP- 22
शिवसेना-18
जेडीयू- 16
बीजेडी-12
बीएसपी- 10
टीआरएस- 9
लोजपा- 6
एनसीपी-5
एसपी-5
सीपीएम- 3
निर्दलीय-4
नेशनल कॉन्फ्रेंस-3
टीडीपी-3
अपना दल (सोनेलाल)-2
AIMIM-2
सीपीआई-2

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