नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में लगातार नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं। हथियार त्यागकर वो मुख्यधारा में लौट रहे हैं। इसको लेकर गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि, नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में बड़ी सफलता! छत्तीसगढ़ में आज 170 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, कल 27 ने हथियार डाले थे। महाराष्ट्र में भी कल 61 नक्सली हथियार त्याग कर मुख्यधारा में लौटे। पिछले दो दिनों में कुल 258 वामपंथी उग्रवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ा है।
पढ़ें :- समुद्री ताकत के बिना कोई भी देश बड़ी शक्ति नहीं बन सकता : PM मोदी
उन्होंने आगे कहा, हिंसा छोड़कर भारत के संविधान में अपना विश्वास पुनर्स्थापित करने के इन सभी के निर्णय की सराहना करता हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार की निरंतर कोशिशों का ही यह परिणाम है कि नक्सलवाद आखिरी सांसें ले रहा है। नक्सलियों के विरुद्ध हमारी नीति स्पष्ट है: जो आत्मसमर्पण करना चाहते हैं उनका स्वागत है, लेकिन जो लोग हथियार उठाए रहेंगे, उन्हें हमारी सुरक्षा बलों की कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। सभी नक्सलियों से मेरी अपील है कि वे अपने हथियार त्याग दें और मुख्यधारा में लौट आएं।
नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में बड़ी सफलता!
छत्तीसगढ़ में आज 170 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, कल 27 ने हथियार डाले थे। महाराष्ट्र में भी कल 61 नक्सली हथियार त्याग कर मुख्यधारा में लौटे। पिछले दो दिनों में कुल 258 वामपंथी उग्रवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ा है।
हिंसा छोड़कर…
पढ़ें :- अपराधियों से आगे निकलना है तो पुलिस को तकनीक से लैस करना होगा: अमित शाह
— Amit Shah (@AmitShah) October 16, 2025
इसके साथ ही गृहमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, यह अत्यंत हर्ष की बात है कि एक समय आतंक का गढ़ रहे छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और नॉर्थ बस्तर को आज नक्सली हिंसा से पूरी तरह मुक्त घोषित कर दिया गया है। अब छिटपुट नक्सली केवल साउथ बस्तर में बचे हुए हैं, जिन्हें हमारी सुरक्षा बल शीघ्र ही समाप्त कर देंगे।
उन्होंने आगे लिखा, जनवरी 2024 में छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद से 2100 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, 1785 को गिरफ्तार किया गया है और 477 को न्यूट्रीलाइज किया गया है। यह 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के हमारे दृढ़ संकल्प का प्रतिबिम्ब है।