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NEET PG 2026 Cancelled : ’20 बार क्रैश हुआ सिस्टम’, NEET PG रद्द होने पर छात्रों ने काटा बवाल, सचिन पायलट ने सरकार से दागे तीखे सवाल

By santosh singh 
Updated Date

जयपुर। नीट पीजी 2026 की परीक्षा (NEET-PG 2026 examination) रविवार 30 अगस्त 2026 को देशभर में 2 लाख 65 हजार से ज्यादा मेडिकल छात्रों के लिए कराई गई थी। लेकिन राजस्थान के जयपुर स्थित सीतापुरा परीक्षा केंद्र पर जो कुछ भी घटा उसने न सिर्फ छात्रों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया बल्कि देश की इतनी बड़ी परीक्षा व्यवस्था पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुई थी, लेकिन अचानक सीतापुरा के iON डिजिटल जोन (iON Digital Zone Sitapura) में कंप्यूटर स्क्रीन काली पड़ने लगीं। एक या दो बार नहीं बल्कि छात्रों का दावा है कि 20 बार सिस्टम बंद हुआ। इसी अव्यवस्था के चलते गुस्साए छात्रों ने परीक्षा केंद्र के बाहर जमकर हंगामा किया जिसके बाद मजबूरन नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) को इस केंद्र के 2,445 छात्रों के लिए 5 सितंबर को दोबारा परीक्षा करवाने का ऐलान करना पड़ा है।

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सीतापुरा सेंटर पर आखिर क्या हुआ था?

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बता दें कि देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 339 शहरों में कुल 1,111 सेंटर बनाए गए थे। इनमें 2,73,096 छात्रों को परीक्षा देनी थी, जिसमें से 2,65,980 छात्र सेंटर पर पहुंचे। बाकी पूरे देश में तो लगभग 2 लाख 63 हजार बच्चों ने अपना एग्जाम बिना किसी बड़ी दिक्कत के पूरा कर लिया, लेकिन जयपुर के सीतापुरा में बने iDZ सेंटर (TC नंबर 41682 और 41683) पर तकनीकी खामियों ने सारा खेल बिगाड़ कर रख दिया। जैसे ही परीक्षा ने रफ्तार पकड़ी, सिस्टम पूरी तरह से धड़ाम हो गया। न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, परीक्षा दे रहे एक छात्र विष्णु शर्मा ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि उनके सेंटर पर कम से कम 20 बार सिस्टम क्रैश हुआ। विष्णु का दावा है कि जब कंप्यूटर बंद पड़े थे, उस दौरान सेंटर पर इतनी अफरा-तफरी मच गई कि छात्र आपस में सवालों के जवाब तक डिस्कस करने लगे थे। विष्णु और उनके जैसे तमाम छात्रों की मांग है कि जब परीक्षा का माहौल ही खराब हो गया है, तो सिर्फ एक सेंटर क्यों, पूरे देश में नीट-पीजी 2026 की परीक्षा दोबारा आयोजित होनी चाहिए ताकि हर एक कैंडिडेट को बराबरी और ईमानदारी का मौका मिल सके।

सचिन पायलट ने सरकार पर दागे तीखे सवाल

छात्रों के इस हंगामे ने अब सियासी तूल भी पकड़ लिया है। राजस्थान कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट ने इस पूरी घटना पर गहरी नाराजगी जताते हुए सीधे तौर पर सिस्टम की जवाबदेही तय करने की मांग की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए पायलट ने लिखा कि जयपुर में परीक्षा के दौरान जो तकनीकी खामियां सामने आई हैं, वह कोई मामूली बात नहीं बल्कि एक बेहद गंभीर मुद्दा है। पायलट ने सीधा सवाल दागा कि आखिर इस तरह की लापरवाहियों का खामियाजा हमारे मेहनती छात्र कब तक भुगतते रहेंगे? उन्होंने उस दर्द को छुआ जो आज हर एक प्रतियोगी छात्र महसूस कर रहा है। उनका कहना था कि पेपरलीक और परीक्षा करवाने वाली संस्थाओं की बार-बार सामने आ रही कमियों के बीच सबसे बड़ा नुकसान उस युवा का होता है, जिसने अपनी रातों की नींद और दिन का चैन गंवाकर दिन-रात पढ़ाई की है।

पायलट ने अपने बयान में इस बात पर भी जोर दिया कि देशभर के युवा लगातार पेपरलीक को रोकने और सिस्टम में पारदर्शिता और भरोसे की मांग कर रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद, अगर हर बार परीक्षा केंद्रों पर वही पुरानी गलतियां और समस्याएं दोहराई जा रही हैं, तो यह सोचना लाजिमी है कि क्या सिस्टम ने अपनी पिछली विफलताओं से कोई सबक लिया भी है या नहीं?

बोर्ड ने क्या दी सफाई

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मामला तूल पकड़ता देख NBEMS को तुरंत हरकत में आना पड़ा। बोर्ड ने एक बयान जारी करते हुए साफ किया कि परीक्षा कराने वाली एजेंसी M/s TCS Ltd. की तरफ से इंटरनल पावर सप्लाई में दिक्कत आ गई थी। इसी वजह से 2,445 बच्चे अपनी परीक्षा पूरी नहीं कर पाए। बोर्ड ने इस पूरे वाकये पर अपनी तरफ से खेद जताया है। TCS जैसी बड़ी आईटी कंपनी, जिसके कंधों पर देश की कई बड़ी परीक्षाओं का जिम्मा होता है, उसके सिस्टम में पावर सप्लाई की दिक्कत आना कोई छोटी बात नहीं है। अब इन प्रभावित बच्चों को इंसाफ दिलाने के लिए नई तारीख तय कर दी गई है। बोर्ड का कहना है कि जिन 2,445 बच्चों की परीक्षा इस पावर कट और तकनीकी खराबी की भेंट चढ़ गई, उनके लिए 5 सितंबर 2026 (शनिवार) को दोपहर 3 बजे जयपुर में ही री-एग्जाम करवाया जाएगा।

जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ जल्द होगी कार्रवाई

एग्जाम सेंटर पर स्टूडेंट्स के बवाल के तुरंत बाद अधिकारी हरकत में आए और NBEMS को सूचना दी गई है। बोर्ड ने तुरंत टेक्नोलॉजी पार्टनर और सेंटर पर जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय करने के लिए एक तुरंत मीटिंग बुलाई है।

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