बिहार की सियासत अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। एक तरफ जहां नीतीश कुमार (Nitish Kumar) मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे। वहीं, बिहार को नया मुख्यमंत्री भी मिलने वाला है। ऐसे में बिहार की राजनीतिक सक्रियता पर पूरे देश की निगाह बनी हुई है।
नई दिल्ली: बिहार की सियासत अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। एक तरफ जहां नीतीश कुमार (Nitish Kumar) मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे। वहीं, बिहार को नया मुख्यमंत्री भी मिलने वाला है। ऐसे में बिहार की राजनीतिक सक्रियता पर पूरे देश की निगाह बनी हुई है।
बिहार में सत्ता परिवर्तन की स्क्रिप्ट रेडी?
इधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के संभावित इस्तीफे और नई सरकार के गठन को लेकर जो संभावित शेड्यूल सामने आ रहा है। उससे इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा है कि बिहार में सत्ता परिवर्तन की पटकथा लगभग लिखी जा चुकी है। उधर, दिल्ली में भी हलचल बढ़ी हुई है। पटना से लेकर दिल्ली तक बैठकों दस्तूर जारी है। सूत्रों की मानें तो सत्ता परिवर्तन का पूरा राजनीतिक घटनाक्रम 6 अप्रैल से शुरू होकर 18 अप्रैल के पहले खत्म हो जाएगा।
बिहार की सियासत में अगले 10 -12 दिन बेहद अहम
ऐसे में ये माना जा रहा है कि नई सरकार का गठन 14 से 18 के बीच यानी चार दिनों में हो जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 14 अप्रैल तक इस्तीफा देने की संभावना है। नई सरकार के गठन को 10–12 दिन शेष हैं। ऐसे में ये 10 -12 दिन काफी अहम होने वाले हैं।
ये होगा सत्ता परिवर्तन का घटनाक्रम
6 अप्रैल को जेडीयू की राज्य कार्यकारिणी की बैठक मुख्यमंत्री आवास पर हो सकती है। 9 अप्रैल को नीतीश कुमार का दिल्ली जाएंगे वहीं जेडीयू के राष्ट्रीय परिषद और कार्यकारिणी की बैठक में हिस्सा लेंगे इसी दिन शाम को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह Amit Shah से मुलाकात होने की संभावना है। 10 अप्रैल को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। उसके बाद 10 अप्रैल को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात संभव है। 11 अप्रैल को नीतीश कुमार वापस पटना आएंगे। यहां अपनी पार्टी के नेताओं के साथ अहम बैठक करेंगे। 12–13 अप्रैल को एनडीए विधायक दल की बैठक होने की संभावना है। जिसके बाद बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर मोहर लगाई जाएगी। 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसके बाद 18 अप्रैल से पहले तक नई सरकार का गठन कर लिया जाएगा।
दिल्ली से तय होगी बिहार की राजनीति?
इस शेड्यूल से साफ है कि नीतीश कुमार का फोकस अब केंद्र की राजनीति की ओर शिफ्ट हो रहा है। राज्यसभा में जाने के बाद उनका दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होना लगभग तय माना जा रहा है, लेकिन उससे भी अहम बात ये है कि नीतीश कुमार अब दिल्ली से बिहार की राजनीति को मॉनिटर करेंगे। ऐसे अब देखने वाली बात ये होगी कि नीतीश कुमार की अगली रणनीति क्या होगी।