पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। मंगलवार को रावलकोट में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच एक बार फिर टकराव हो गया। नए बस टर्मिनल के पास हुई झड़प के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की फायरिंग में छह नागरिकों की मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में आक्रोश और बढ़ गया।
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फायरिंग में छह लोगों की गई जान
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फायरिंग में जान गंवाने वालों में जाहिद मुगल, जफर मुगल, अर्सलान अकबर और वाजिद हयात समेत छह लोग शामिल हैं। बताया जा रहा है कि वाजिद हयात की मौत रावलकोट के मटियाल मीरा बस टर्मिनल के पास हुई। घटना के बाद इलाके में भारी तनाव का माहौल है।
व्हाइट हाउस के बाहर भी हुआ प्रदर्शन
इस घटना से एक दिन पहले अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में रहने वाले PoK मूल के लोगों ने व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान क्षेत्र में बिगड़ते हालात और मानवीय संकट की ओर आकर्षित करने की कोशिश की।
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पाकिस्तानी सेना हटाने की उठी मांग
करीब 100 लोगों ने इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया, जिनमें महिलाएं, बच्चे और समुदाय के प्रतिनिधि भी शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पाकिस्तानी सेना को नागरिक इलाकों से हटाया जाए और निहत्थे लोगों पर बल प्रयोग के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए।
इंटरनेट बंद होने का भी लगाया आरोप
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने दावा किया कि लंबे समय से इंटरनेट सेवाएं बाधित होने की वजह से करीब 40 लाख लोग बाहरी दुनिया से कटे हुए हैं। उन्होंने यह भी मांग की कि प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए नियंत्रण रेखा (LoC) पर पुंछ और डोडा सेक्टर के रास्ते मानवीय सहायता की अनुमति दी जाए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने भारत से भी मानवीय आधार पर हस्तक्षेप की अपील की।
भारत ने पाकिस्तान को घेरा
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घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि PoJK में जारी विरोध प्रदर्शन वहां के लोगों के लंबे समय से हो रहे व्यवस्थित शोषण, मौलिक अधिकारों से वंचित रखने और प्रशासनिक दमन का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में लोगों की नाराजगी लगातार बढ़ रही है।