Pitru Paksha Mela : सनातन धर्म में पितृपक्ष का बहुत महत्व है। इस विशेष अवधि के दौरान तिथि के अनुसार दिवंगत हो चुके पितृगणों की आत्मा के शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण, और पिंडदान के साथ दान करने की युगों पुरानी परंपरा है। शास्त्रों के अनुसार, मनुष्य जन्म से ही विभिन्न ऋणों या दायित्वों के अधीन होता है, और इनमें मुख्य रूप से देव ऋण, पितृ ऋण, और ऋषि ऋण शामिल हैं। इन ऋणों को चुकाने के लिए अलग-अलग कर्तव्य और कार्य बताए गए हैं। पितृ पक्ष में पिंडदान के माध्यम से पितरों को सम्मान देने और उनका ऋण चुकाने से संबंधित है।
पढ़ें :- Devi Bhagwat Puran : "देवी भागवत का सबसे रहस्यमयी प्रसंग","जब माँ ने लिया यक्ष रूप"
डिजिटल व्यवस्था
गया में पितृपक्ष मेले के शुरूहोने से पहले देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला प्रशासन ने डिजिटल व्यवस्था को मजबूत किया है। प्रशासन ने ‘पिंडदान गया जी’ नाम से Website और मोबाइल एप लॉन्च किया है। इसका मकसद तीर्थयात्रियों को मेले से जुड़ी जरूरी और आधिकारिक जानकारी एक ही जगह उपलब्ध कराना है।
अब श्रद्धालु घर से निकलने से पहले ही पिंडदान से जुड़ी जानकारी, रहने की व्यवस्था, पंडा, होटल, यातायात और दूसरी जरूरी सुविधाओं के बारे में जानकारी ले सकेंगे। मोबाइल एप को Google Play Store से डाउनलोड किया जा सकता है। वहीं, pinddaan-gaya.bihar.gov.in वेबसाइट भी लाइव कर दी गयी है।
ऑनलाइन पंजीकरण
‘पिंडदान गया जी’ ऐप और वेबसाइट के जरिए श्रद्धालुओं को घर बैठे ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही अलग-अलग वेदियों और वहां होने वाले दैनिक अनुष्ठानों से जुड़ी जानकारी भी Digital platform पर उपलब्ध करायी गई है।
टेंट सिटी
श्रद्धालुओं के लिए पंडा की जानकारी के साथ टेंट सिटी, सरकारी आवासन, होटल और अतिथि गृहों की क्षमता और संपर्क की जानकारी भी दी गयी है। इससे गया पहुंचने वाले लोगों को ठहरने की व्यवस्था तलाशने में आसानी होगी।