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दिल्ली के जामिया विश्वविद्यालय में 20 साल बाद होगा छात्र संघ चुनाव, छात्रों के आगे झुका प्रशासन, मानीं ये तीन मांगें

दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय (Jamia Millia Islamia University) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। विश्वविद्यालय प्रशासन (University Administration) ने 20 साल के बाद छात्र संघ चुनाव कराने का ऐलान किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन (University Administration) ने कहा कि छात्र संघ संविधान की अनुमति के बाद 15 दिनों के भीतर जामिया में छात्र संघ चुनाव (Student Union Elections) करवाए जाएंगे।

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय (Jamia Millia Islamia University) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। विश्वविद्यालय प्रशासन (University Administration) ने 20 साल के बाद छात्र संघ चुनाव कराने का ऐलान किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन (University Administration) ने कहा कि छात्र संघ संविधान की अनुमति के बाद 15 दिनों के भीतर जामिया में छात्र संघ चुनाव (Student Union Elections) करवाए जाएंगे। जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय (Jamia Millia Islamia University) ने सोमवार को जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि छात्र संघ संविधान (Student Union Constitution) की मंजूरी मिलने की तारीख से 15 दिनों के भीतर छात्र संघ चुनाव (Student Union Elections) करवाए जाएंगे।

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छात्र कर रहे थे प्रदर्शन

बीते कई दिनों से चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के बाद यह घोषणा की गई है। बीते कई दिनों से छात्र लगातार संघ बहाल करने की मांग कर रहे थे। विश्वविद्यालय प्रशासन (University Administration)  ने 2006 में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्र संघ को भंग कर दिया था। छात्र संघ भंग होने के बाद से ही इसकी बहाली को लेकर कई बार प्रदर्शन हो चुका है। अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ा ऐलान करते हुए चुनाव करवाने का ऐलान कर दिया है।

मानी गईं ये 3 मांगें

जामिया प्रशासन (Jamia Administration) के इस ऐलान को प्रदर्शन कर रहे छात्रों की जीत के तौर पर देखा जा रहा है। सोमवार को आदेश जारी करते हुए जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने कहा कि छात्र संघ संविधान की मंजूरी मिलने के 15 दिनों के भीतर छात्र संघ चुनाव करवाए जाएंगे। इसके साथ ही प्रदर्शन के दौरान छात्रों को जारी किए गए निलंबन के आदेश भी वापस लिए जाएंगे। इसके साथ ही प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर सिक्योरिटी स्टाफ द्वारा की गई बर्बरता की जांच की जाएगी, जिसके लिए कमेटी गठीित की जाएगी।

जामिया प्रशासन (Jamia Administration) ने बताया कि छात्रों की मांगें मान ली गई हैं, ऐसे में प्रदर्शन के दौरान छात्रों द्वारा यूनिवर्सिटी को लेकर दिए गए अपमानजनक बयान की सार्वजनिक रूप से माफी मांगेंगे इसके साथ ही सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए ऐसे बयानों को भी डिलीट किया जाएगा। इसके साथ ही प्रशासन ने बताया कि छात्रों ने प्रदर्शन को खत्म करने की बात भी मान ली है।

ऑनलाइन शिफ्ट कर दी थी पढ़ाई

विश्वविद्यालय प्रशासन (University Administration) ने इससे पहले, प्रदर्शन स्थल पर बढ़ते तनाव के बीच सभी पाठ्यक्रमों की कक्षाएं तत्काल प्रभाव से ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने की घोषणा की थी। प्रशासन ने छात्रों को विश्वविद्यालय परिसर में आने से बचने की सलाह भी दी थी और कहा था कि अगले आदेश तक विश्वविद्यालय के द्वार और पुस्तकालय बंद रहेंगे।

प्रशासन ने बताया था कि प्रोफेसरों की सात सदस्यीय समिति ने प्रदर्शनकारियों के साथ कई दौर की बातचीत की थी। साथ ही, जेएमआईएसयू (JMISU) का संविधान तैयार करने के लिए एक समिति को 21 अक्टूबर को अधिसूचित किया गया था। छात्रों का कहना था कि चुनाव के लिए निश्चित समयसीमा तय किए बिना और संविधान तैयार करने की प्रक्रिया में छात्र प्रतिनिधियों को शामिल किए बिना मसौदा समिति का गठन पर्याप्त नहीं है।

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