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पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को ‘सुप्रीम’ झटका, उम्रकैद की सजा निलंबित करने वाला दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश किया रद्द

By संतोष सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने उन्नाव दुष्कर्म मामले (Unnao Rape Case) में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) के उस आदेश को रद्द कर दिया है। इस आदेश में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर (Former MLA Kuldeep Singh Sengar) की आजीवन कारावास की सजा (Life Imprisonment Sentence) निलंबित की गई थी। यह मामला 2017 के उन्नाव दुष्कर्म से जुड़ा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने सेंगर को अंतरिम जमानत देते हुए सजा निलंबित कर दी थी।

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इसके साथ ही CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने दिल्ली हाईकोर्ट को यह निर्देश भी दिया है कि दो महीने के भीतर इस मामले पर नए सिरे से फैसला करें। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि हाईकोर्ट अपना निर्णय लेते समय सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा पिछला आदेश रद्द किए जाने के फैसले से बिल्कुल भी प्रभावित न हो।

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कुलदीप सेंगर की जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट से फिर से नए सिरे से सुनवाई करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा रेप मामले मे दिसंबर 2025 मे दिए गए जमानत के फैसले को रद्द करते हुए हाईकोर्ट से फिर से सुनवाई करने को कहा है।

इस दौरान सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि कई ऐसे सवाल है, जिन पर हाईकोर्ट फिर से गौर करे। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कुलदीप सेंगर को मिली सजा के खिलाफ दाखिल अपील पर दिल्ली हाईकोर्ट से जल्द सुनवाई करने को कहा है। बता दें कि पिछले आदेश में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कुलदीप सेंगर की जमानत पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने सीबीआई (CBI) की याचिका पर सेंगर और यूपी सरकार को नोटिस जारी किया था।

सीबीआई ने फैसले के खिलाफ दायर की थी अपील

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केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में अपील दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो की अपील पर हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने हाई कोर्ट के आदेश को पूरी तरह से रद्द कर दिया है। यह फैसला दुष्कर्म पीड़िता के लिए न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldeep Singh Sengar) को 2019 में इस मामले में दोषी ठहराया गया था। उन्हें आजीवन कारावास की सजा (Life Imprisonment Sentence)  सुनाई गई थी। यह मामला देश भर में काफी चर्चा में रहा था।

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