नई दिल्ली। देश के 18 साल के छात्र सार्थक सिद्धांत ने अपनी विलक्षण सोच और अदम्य साहस से देश को एक नई दिशा दिखाई है। बिना किसी बड़े राजनीतिक या संस्थागत सहारे के, उन्होंने अपने सिद्धांतों पर अडिग रहते हुए देश की सबसे बड़ी परीक्षा (CBSE) में कथित धांधली के
