नई दिल्ली। लाल मिर्च (Red Chilies) जिसे अक्सर सेहत का दुश्मन माना जाता है, वही भारतीय रसोई में स्वाद का तड़का लगाने का काम भी करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर लाल मिर्च (Red Chilies) को 21 दिनों तक अपने डाइट से बाहर रखा जाए तो शरीर में कई चौंकाने वाले बदलाव देखने को मिल सकते हैं। ये बदलाव न केवल पाचन शक्ति बल्कि इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाने में गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं।
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लाल मिर्च में कैप्साइसिन (Capsaicin) मौजूद होता है जो पेट की अंदरूनी परत को उत्तेजित करता है, जिसके वजह से एसिडिटी, सीने में जलन और गैस जैसी समस्याएं उत्पन हो जाती हैं। सूत्रों के मुताबिक, 21 दिन के इस ब्रेक से डाइजेस्टिव सिस्टम में बहुत तेजी से सुधार हो सकता है। इसके अलावा अत्यधिक लाल मिर्च का सेवन पेप्टिक अल्सर और पेट के छालों का कारण बनता है। इसे छोड़ने से पेट को अंदरूनी ज़ख्म भरने का समय मिलता है।
लाल मिर्च पाउडर जो बाजार में मिलती है उसमे अक्सर मिलावट और कृत्रिम रंगों का प्रयोग किया जाता है वाली लाल मिर्च पाउडर में अक्सर मिलावट और कृत्रिम रंगों का प्रयोग किया जाता है जिससे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को कमजोर हो जाती हैं। हेल्थ चिकित्सकों के अनुसार, 21 दिनों तक इसे त्यागने से शरीर का इम्यून सिस्टम में सुधार होने लगता है।
साइंस के अनुसार, लगातार तीखा खाने से जीभ में पाए जानेवाले स्वाद ग्रंथियां सुस्त हो जाती हैं। यदि आप लाल मिर्च खाना बंद कर देंगे तो कुछ ही दिनों बाद आप भोजन के प्राकृतिक स्वादों को बेहतर तरीके से महसूस कर पाएंगे। अत्यधिक मिर्च-मसाले शरीर के लिए हानिकारक होते हैं क्योंकि ये हमारे शरीर में एंडोर्फिन रिलीज करते हैं जो दर्द या तनाव के समय निकलते हैं। शोध में पता चला हैं कि उत्तेजक मसालों को कम करने से गुस्से और चिड़चिड़ेपन में कमी आती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर आप तीखेपन के शौकीन हैं तो लाल मिर्च पाउडर की जगह हरी मिर्च या काली मिर्च का इस्तेमाल करें क्योंकि हरी मिर्च में विटामिन-C और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर होते हैं, जो पाचन के लिए सहायक होते हैं।
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रिपोर्ट: सुशील कुमार साह