CMO Transfer: उत्तर प्रदेश में एक दर्जन से ज्यादा मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) के तबादले होने जा रहे हैं। लेकिन इन तबादलों से पहले ही स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई है। सूत्रों के मुताबिक, दवा माफिया भी इस मौके को भुनाने और अपने करीबी डॉक्टरों को सीएमओ की कुर्सी पर बैठाने के लिए जोड़-तोड़ शुरू कर दिए हैं। कुछ दावा माफियाओं के करीबी डॉक्टरों के नाम पर मुहर भी लग चुकी है। अब सवाल यह है कि क्या स्वास्थ्य विभाग की अहम कुर्सियों पर भी दवा माफियाओं का दबदबा कायम है?
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दरअसल, पर्दाफाश के पास एक अजम जानकारी हाथ लगी है, जिसमें दवा माफियाओं का सिक्का एक बार फिर सीएमओ के ट्रांसफर में चलने जा रहा है। राजधानी लखनऊ में मौजूद कई दावा माफिया और उनके करीबी डॉक्टरों का गठजोड़ योगी सरकार के जीरो टॉलरेंस नीति पर भारी पड़ रहा है, जिसके कारण दवा माफिया अपने करीबी डॉक्टरों को आसानी से सीएमओ की कुर्सी पर बैठा दे रहे हैं। इसके बाद दवा माफिया या उनके करीबियों की फर्मे यहां धड़ल्ले से अपने अनुसार काम करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, जल्द होने वाले ट्रांसफर में दवा माफियाओं के करीबी डॉ समीर कुमार वर्मा, डॉ. अजय कुमार शुक्ला, डॉ. सुरेश कुमार अहिरवार, डॉ प्रेमपाल, डॉ अजय प्रियदर्शी, डॉ इंदर सिंह, डॉ अभय कुमार सिंह और डॉ मनोज शुक्ला का मुख्य चिकित्साधिकारी बनना तय हो गया है। इसके साथ ही, डॉ नरेंद्र सिंह, डॉ कमता प्रसाद त्रिपाठी, डॉ सुकेश गुप्ता और डॉ रामरतन को भी सीएमओ बनाया जा सकता है। ये सभी डॉक्टर दवा माफियाओं के बेहद करीबी हैं।
हालांकि, अब पर्दाफाश इन दावा माफियाओं और उन डॉक्टरों के नाम को उजागर करेगा, जो योगी सरकार के जीरो टॉलरेंस नीति की खिल्ली उड़ा रहे हैं। साथ ही, हम बताएंगे कि, सीएमओ की तैनाती के बाद ये दवा माफिया किस तरह से खेल करते हैं।