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‘अपनी माटी-अपनी शान’ टीम के भव्य पारिवारिक समागम में दिखा ‘परंपरा,परिवार और पहचान’ का सशक्त संगम

By santosh singh 
Updated Date

लखनऊ। ‘अपनी माटी-अपनी शान’ टीम ने सांस्कृतिक उत्थान के उद्देश्य से पारिवारिक समागम का भव्य आयोजन ‘परंपरा,परिवार और पहचान’ का सशक्त संगम लखनऊ स्थित उर्दू एकेडमी, गोमती नगर में 11 जनवरी रविवार को एक भावपूर्ण, गरिमामय व सांस्कृतिक पारिवारिक समागम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य गांव से शहर आए लोगों को पुनः अपनी जड़ों, अपनी संस्कृति, परंपराओं और आपसी अपनत्व से जोड़ना रहा। कार्यक्रम की मूल भावना ‘परंपरा, परिवार और पहचान’ इस पूरे आयोजन में स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर हुई।

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कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं कुलदेवी मां विंध्यवासिनी को माल्यार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर  सरिता सिंह के तरफ से प्रस्तुत स्वागत गीत ने वातावरण को आध्यात्मिक और भावनात्मक बना दिया। इसके पश्चात कार्यक्रम समन्वयक जितेंद्र सिंह ने अपने स्वागत संबोधन में ‘अपनी माटी- अपनी शान’ मंच के गठन के उद्देश्य, उसकी सोच और समाज में इसकी आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने स्वस्थ जीवनशैली पर प्रकाश डालते हुए अंगदान व रक्तदान जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की और उपस्थित जनसमूह को जागरूक किया।

कार्यक्रम के प्रमुख वक्ताओं में वरिष्ठ प्रवक्ता बृजेंद्र कुमार सिंह ,अल्पसंख्यक विभाग के जॉइंट डायरेक्टर राघवेंद्र सिंह ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी गोंडा जनपद की तरबगंज तहसील स्थित सेमरी कलां गांव में जन्मे और उसी संस्कृति में पले-बढ़े हैं।

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आज भले ही हम शहर में रह रहे हों, पर आपसी मेल-जोल, सुख-दुःख की सहभागिता और सांस्कृतिक जुड़ाव धीरे-धीरे कमजोर होता जा रहा है। इसी पीड़ा को महसूस करते हुए ‘अपनी माटी-अपनी शान’ जैसे मंच की आवश्यकता महसूस हुई।

वक्ताओं ने बताया कि यह पहल जितेंद्र सिंह की उस सोच से प्रारंभ हुई, जिसमें यह भाव निहित है कि खुशी हो या ग़म-अपने लोग एक-दूसरे के साथ खड़े हों, समय दें और अपनी मूल पहचान को सहेज कर रखें। उन्होंने कहा कि शहर में हमारी असली पहचान हमारी माटी, हमारा गांव और हमारी संस्कृति ही है।

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इस मंच के गठन के बाद लोगों में आपसी अपनापन, जुड़ाव और सांस्कृतिक चेतना और अधिक प्रबल हुई है। वक्ताओं ने चिंता व्यक्त की कि आने वाली पीढ़ियां कहीं अपनी भाषा, संस्कृति और पारंपरिक मूल्यों से दूर न हो जाएँ, इसलिए ऐसे आयोजन समय-समय पर आवश्यक हैं, जो अपनों को अपनों से जोड़ने का कार्य करें। यह पारिवारिक समागम उसी दिशा में एक सशक्त और प्रेरणादायक प्रयास है।

कार्यक्रम के सांस्कृतिक सत्र में प्रवक्ता राजकीय इंटर कॉलेज गरिमा सिंह ने लव–कुश कांड का भावपूर्ण काव्य पाठ प्रस्तुत कर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। वहीं पवन सिंह की भोजपुरी संगीत प्रस्तुति ने सभी को अपने गांव की स्मृतियों में लौटा दिया और पूरा सभागार झूम उठा। कार्यक्रम का संचालन राजकीय इंटर कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रवक्ता राम सिंह ने अत्यंत कुशलता, गरिमा और लयबद्ध शैली में कर सभी का दिल जीत लिया।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला जज एन पी ओझा, डॉ. धर्मेंद्र शर्मा, सतेंद्र मिश्रा, पवन सिंह, संजय सिंह, देवेंद्र सिंह, राजेश कुमार सिंह, सतेंद्र सिंह, राम अनुज सिंह सहित ‘अपनी माटी -अपनी शान’ के वरिष्ठ पदाधिकारीगण महंत सिंह, कौशल किशोर सिंह, जितेंद्र प्रताप सिंह व लखनऊ के समस्त परिवारजन उपस्थित रहे। सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने ‘अपनी माटी -अपनी शान’ की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक, अनुकरणीय और भावी पीढ़ियों को दिशा देने वाला प्रयास बताया।

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