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यूपी की जनता को एक बार फिर “सपनों का अमृत” पिलाया गया…योगी सरकार के बजट पर शिवपाल यादव का निशाना

By शिव मौर्या 
Updated Date

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ 35 लाख रुपये का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया है। यह बजट पिछले वर्षों की तुलना में एक लाख करोड़़ रुपये ज्यादा है। योगी सरकर के इस बजट पर विपक्षी दल के नेता लगातर सवाल उठा रहे हैं। सपा नेता शिवपाल यादव ने बजट पर सरकार को घरेते हुए कहा कि, बेरोजगारों की डिग्रियां अलमारी में है और सरकार का डेटा फाइलों में मुस्कुरा रहा है।

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शिवपाल यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, बजट से पहले ही जनता का हिसाब साफ है- रोजगार शून्य है, किसान कर्ज़ में है, नौजवान निराश है। अब ‘जुमलों का बजट’ नहीं चलेगा। इसके साथ ही उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा, उत्तर प्रदेश का ‘कागजी’ बजट मुबारक हो!
यूपी की जनता को एक बार फिर “सपनों का अमृत” पिलाया गया है। विकास केवल विज्ञापनों में दौड़ रहा है और हकीकत की सड़कों पर गड्ढे आज भी अपनी गिनती का इंतजार कर रहे हैं। बेरोजगारों की डिग्रियां अलमारी में है और सरकार का डेटा फाइलों में मुस्कुरा रहा है।

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इसके साथ ही लिखा, कमाल की जादूगरी है, आंकड़ों का अंबार है, मगर गरीब की थाली में अब भी हाहाकार है। जुमलों की खेती लहलहाई, कागज़ हुए हरे-भरे, नौकरी मांगो तो कहते हैं- ‘तुम आत्मनिर्भर क्यों नहीं रहे?’ महंगाई के पंख लगे हैं, छू रहे हैं आसमान, पर सरकार कह रही- ‘सब चंगा, खुश है किसान!’ ये बजट नहीं, बस एक और ‘इवेंट’ की तैयारी है, जनता जानती है अब, किसकी जाने की बारी है।

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