अक्सर आपने देखा होगा किसी के दांत बाहर की तरह निकले हुए या टेढ़े मेढ़े होते है तो कुछ लोगो के दांतो के बीच गैप होता है। इसे ठीक करने के लिए डेंटल ब्रेसेस लगाए जाते है। डॉक्टर की देखरेख में धातुओ या प्लास्टिक से बने तार को दांतो और मसूड़ों के बीच फिट किया जाता है।
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डेंटल ब्रेसेस का इस्तेमाल करने के बाद कुछ समय तक दिक्कत हो सकती है। इसे लगाने के बाद मसूड़ों से ब्लीडिंग के अलावा कई दिक्कतें हो सकती है। डेंटल ब्रिसेस का इस्तेमाल करने के बाद मुंह और चेहरे का साइज और बनावट में भी बदलाव आ सकता है।
ब्रेसेस लगवाने की प्रक्रिया के बाद कुछ लोगो को लगता है कि उनके चेहरे का आकार भी बदल जाता है। जब आपके दांतो का गैप कम होता है या इसमें मौजूद गढ़बढ़ी ठीक हो जाती है। इसकी वजह से जबड़े के साथ आपके चेहरे,होंठ औऱ मुंह का आकार भी सामानंतरित हो जाता है।
डेंटल ब्रेसेस लगवाने के बाद कुछ लोगों को कई दिक्कतें हो सकती हैं जैसे दांतों में दर्द, मसूड़ों में सूजन। ब्रेसेस दांतों को सही स्थान पर लाने के लिए दबाव डालते हैं, जिसकी वजह से दर्द और ब्लीडिंग हो सकती है। इसके अलावा कुछ लोगों को ब्रेस पहनने के बाद खाने में दिक्कत हो सकती है। कई बार ब्रेस की वजह से लोगों को खाने में मुश्किल होती है या उन्हें खाना खाने के बाद अपने दांतों को साफ करने में समस्या होती है।
ब्रेसेस का उपयोग करने से पहले, आपको कुछ सावधानियों का पालन करना चाहिए। ब्रेसेस हमेशा एक्सपर्ट, डेंटिस्ट की देखरेख में ही लगवाएं। ऐसे में आपके दांतों का सही निरीक्षण होगा और सही तरीके से ब्रेसेस लग जाएंगे।
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इसके अलावा ब्रेसेस लगवाने के बाद खानपान से जुड़ी सावधानियों का ध्यान रखें। इसे लगवाने के बाद डेंटिस्ट द्वारा बताए गए नियमों का पालन जरूर करें। ब्रेसेस के इस्तेमाल के दौरान किसी भी तरह की दिक्कत होने पर दिक्कत होने पर डेंटिस्ट से संपर्क जरुर करें। ब्रेसेस लगवाने के बाद ब्लीडिंग, सूजन, दर्द को नजरअंदाज करने से परेशानियां बढ सकती हैं।