मां बनना किसी भी महिला के लिए सबसे खूबसूरत पल होता है। इसके बिना जीवन अधूरा सा लगता है। इसलिए प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को अपना खास ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। खान पान से लेकर चलने फिरने उठने बैठने तक के तरीकों में बदलाव करना होता है।
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जरा सी लापरवाही गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। प्रेगनेंसी के दौरान चाय, कॉफी और एनर्जी ड्रिंक्स का अधिक सेवन गर्भपात का कारण बन सकता है। शोधकर्ताओं के अनुसार दिन में दो सौ एमजी से अधिक कैफीन का सेवन गर्भपात का कारण बन सकता है।वहीं शराब पीना भ्रूण के विकास में रुकावट डालता है जिससे प्रेगनेंसी में कंप्लीकेशन का खतरा बढ़ सकता है।
धूम्रपान या तंबाकू का अधिक सेवन करने वाली महिलाओं के शरीर में निकोटीन का लेवल बढ़ जाता है। जिससे खून के फ्लो में रुकावट आती है। यह भ्रूण तक ऑक्सीजन नहीं पहुचने देता है जिसकी वजह से गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है।
प्रेगनेंसी के दौरान अधिक स्ट्रेस लेना भी गर्भपात का कारण बन सकता है।तनाव हार्मोन कोर्टिसोल के लेवल को बढ़ाता है,जिससे भ्रूण के विकास में रुकावट आ जाती है। इसके अलावा तनाव से ब्लडप्रेशर और शुगर लेवल असमान्य हो सकता है। जिसकी वजह से गर्भपात का खतरा बढ़ सकता है।
प्रग्नेंसी में भारी वजन उठाना या ज्यादा व्यायाम करना भी मिसकैरेज का कारण बन सकता है। इसके अलावा, ज्यादा देर तक खड़े रहना या लगातार यात्रा करने से गर्भाशय पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे भ्रूण का विकास बाधित हो सकता है।
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