Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. UP Assembly Special Session : पल्लवी पटेल ने योगी सरकार को घेरा, बोलीं-महिला आरक्षण पर भाजपा की नीति और नियत दोनों गड़बड़

UP Assembly Special Session : पल्लवी पटेल ने योगी सरकार को घेरा, बोलीं-महिला आरक्षण पर भाजपा की नीति और नियत दोनों गड़बड़

By संतोष सिंह 
Updated Date

लखनऊ। यूपी विधानसभा सत्र में महिला आरक्षण पर आयोजित एक दिवसीय विशेष सत्र में सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल ने कहा कि महिला आरक्षण पर चर्चा करने से पहले हमें यह समझना होगा कि महिलाओं और खासकर वंचित समुदाय से आने वाली महिलाओं के प्रति भाजपा सरकार की नीति और नियत दोनों ठीक नहीं है। इस विषय पर विपक्षी दलों के प्रति प्रधानसेवक से लेकर उत्तर प्रदेश सरकार तक बिना मांगे दी जा रही सफाई, निंदा और सड़कों पर अनावश्यक रूप से किया जा रहे प्रोपेगेंडा और आत्मघाती पुतला दहन, चोर की दाढ़ी में तिनका होने का प्रमाण दे रहे हैं।

पढ़ें :- शिल्पी कुशवाहा हत्याकांड: पीड़ित परिवार से ​मिले अखिलेश यादव, कहा-ग़रीब कब तक नाइंसाफ़ी का शिकार होता रहेगा

कड़वी और सत्य बात तो यह है कि भाजपा सरकार महिलाओं को कोई भी आरक्षण देना ही नहीं चाहती हैं, इसलिए इसे परिसीमन और जनगणना जैसी प्रश्नों के साथ जोड़कर लंबित कर रही हैं। यदि उनकी नियत सही होती तो यह भाजपा सरकार 2023 के पारित विधेयक के अग्रिम कार्यवाहियों को आगे बढ़ाती, हम सबने देखा कि इतना समय बीत जाने के बाद भी कोई नोटिफिकेशन गजट नहीं किया गया। अब आने वाले दिनों में वोट की गुणा गणित में भी फेल होने की आशंका से घबराई वर्तमान भाजपा सरकार आत्मघाती पॉलिटिकल प्रोपेगेंडा कर रही है।

जबकि असली सवाल सामाजिक न्याय की कसौटी पर कसा हुआ महिला आरक्षण है। आज देश के साथ ही उत्तर प्रदेश की महिलाएं वर्तमान भाजपा सरकार से पूछ रही हैं की वर्ष 2023 में पारित होने के बाद भी महिला आरक्षण को लागू करने के संदर्भ में पहलकदमियां क्यों नहीं की गई ? , साथ ही इस महिला आरक्षण विधेयक में देश की बहुसंख्यक वंचित समुदाय से आने वाली महिलाओं की भागीदारी के लिए ठोस प्रावधान क्यों नहीं किए गए, यह साबित करता है कि भारतीय जनता पार्टी महिलाओं की घोर विरोधी है। देश में कई मनचाहा कानून रातों-रात बनाने और अचानक कई फरमान लागू करने वाली भाजपा महिला आरक्षण पर झांसा दे रही है, वास्तव में भाजपा महिलाओ को उनका हक देना ही नहीं चाहती है।

Advertisement