सोनौली:कोटई माता मंदिर में जलभराव से उठे करोड़ों के निर्माण पर सवाल, जांच की मांग तेज
पर्दाफाश न्यूज़ ब्यूरो महराजगंज :: करोड़ों रुपये की लागत से विकसित किए गए सोनौली का कोटई माता मंदिर परिसर में बारिश के बाद हुए जलभराव ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 2.44 करोड़ रुपये की लागत से कराए गए निर्माण के बावजूद मंदिर परिसर में पानी भर जाने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई, जिसके चलते बारिश का पानी मंदिर परिसर में जमा हो गया। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप हुआ होता तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
मामले को लेकर क्षेत्र में कथित अनियमितताओं की चर्चा भी तेज हो गई है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और संबंधित एजेंसियों की भूमिका की जांच कराने की मांग उठाई है। आरोपों के दायरे में कुछ व्यक्तियों के नाम भी लिए जा रहे हैं, हालांकि इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने मंदिर निर्माण कार्य में शामिल ठेकेदार, कार्यदायी संस्था तथा संबंधित फर्मों के भुगतान और कार्य आवंटन की भी तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष पड़ताल से ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।
गौरतलब है कि हाल ही में वित्तीय अनियमितताओं के एक अन्य मामले में जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा एक ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित किए जाने की कार्रवाई के बाद ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर निर्माण से जुड़े आरोपों की भी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
इस संबंध में जिलाधिकारी कार्यालय का कहना है कि मामला प्रशासन के संज्ञान में है और जांच के लिए समिति गठित किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रस्तावित जांच करोड़ों रुपये के इस निर्माण कार्य की वास्तविक तस्वीर सामने ला पाएगी, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा? क्षेत्र की जनता की निगाहें अब जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।