लखनऊ। प्रदेश के सबसे बड़े प्राविधिक विश्वविद्यालय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय (AKTU) में कुलपति को लेकर चल रही चर्चाओं पर गुरुवार को विराम लग गया। वहीं मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर (MMMUT Gorakhpur) की नई कुलपति के रूप में अनुपमा कौशिक शर्मा को नियुक्त किया गया है। वह वर्तमान में पंजाब विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं। अभी तक इस विश्वविद्यालय का अतिरिक्त प्रभार जेपी सैनी के पास था। इसके अलावा इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रो. नरेंद्र कुमार शुक्ला (Prof. Narendra Kumar Shukla of Allahabad University) को बलिया विश्वविद्यालय (Ballia University) का कुलपति नियुक्त किया गया है।
पढ़ें :- लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल पर हाईकोर्ट का बड़ा एक्शन, वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज,DM-आयुक्त संभालेंगे काम, जानें क्या है मामला?
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल (Governor Anandiben Patel) ने प्रो. जय प्रकाश पांडेय का कार्यकाल तीन वर्ष के लिए बढ़ा दिया। कई दिनों से यह चर्चा थी कि उनके कामकाज को देखते हुए राजभवन उन्हें दोबारा मौका दे सकता है। गुरुवार को जारी आदेश के साथ इस पर औपचारिक मुहर लग गई।
प्रो. जय प्रकाश पांडेय तीन वर्ष पहले विश्वविद्यालय के कुलपति बनाए गए थे। उनका कार्यकाल 15 मई को पूरा हो गया था। इसके बाद उन्हें अगले आदेश तक पद पर बने रहने की अनुमति दी गई थी। अब नए आदेश के तहत वह कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से अगले तीन वर्षों तक कुलपति बने रहेंगे।
प्रो. पांडेय के कार्यकाल में विश्वविद्यालय में डिजिटल परीक्षा व्यवस्था, नई शिक्षा नीति के अनुरूप बदलाव, उद्योगों से समन्वय और तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में कई कदम उठाए गए। प्रदेशभर के संबद्ध इंजीनियरिंग, प्रबंधन और प्राविधिक संस्थानों में माना जा रहा है कि आने वाले समय में विश्वविद्यालय रोजगार आधारित और उद्योगों से जुड़ी शिक्षा पर और तेजी से काम करेगा।
प्रो. जय प्रकाश पांडेय को दूसरी बार डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) का कुलपति बनाया है। उनका कार्यकाल कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के लिए होगा। प्रो. पांडेय को पहली बार 16 मई 2023 को एकेटीयू का कुलपति बनाया गया था। उन्होंने अपने तीन वर्ष के कार्यकाल में विश्वविद्यालय को शोध, नवाचार से लेकर पारदर्शी व्यवस्था के तहत आगे बढ़ाने का काम किया। खास बात ये है कि एकेटीयू के 25 वर्ष के इतिहास में पहली बार विश्वविद्यालय को नैक ए प्लस का दर्जा मिला। इनोवेशन हब को बढ़ाने के लिए कमाल सेंटर की स्थापना सहित कई प्रमुख उपलब्धियां भी उनके नाम रहीं हैं।
पढ़ें :- योगी सरकार का बड़ा फैसला, विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ड्रेस कोड होगा अनिवार्य