नई दिल्ली। कैंसर बीमारी का पता चलते ही इसको लेकर डर और निराशा होना आम बात है, लेकिन पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू (Navjot Kaur Sidhu) ने स्टेज-4 कैंसर को मात देकर एक मिसाल कायम की है। सिद्धू ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह खुशखबरी साझा की कि उनकी पत्नी अब पूरी तरह कैंसर मुक्त हैं। यह उपलब्धि सिर्फ मेडिकल ट्रीटमेंट से नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल में बदलाव और हेल्दी डाइट से हासिल हुई है।
पढ़ें :- सीएम योगी ने ललितपुर को दिया बड़ा तोहफा, ₹1,766 करोड़ लागत की 221 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास
नवजोत कौर को स्टेज-4 इनवेसिव कैंसर का पता चला था। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को गंभीर बताते हुए केवल 3 फीसदी बचने की संभावना जताई थी। इसके बावजूद, उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी। नवजोत सिंह सिद्धू ने बताया कि उनकी पत्नी ने सरकारी अस्पतालों में इलाज करवाया और अपने अनुशासन और दृढ़ संकल्प से बीमारी को हराया।
कैसे मात दी कैंसर को?
नवजोत कौर ने अपने डाइट प्लान और लाइफस्टाइल को पूरी तरह बदल दिया। उनके रूटीन में ये चीजें शामिल थीं।
नींबू पानी और कच्ची हल्दी: सुबह दिन की शुरुआत नींबू पानी और कच्ची हल्दी से की।
पढ़ें :- ईरान ने होर्मुज फिर बंद किया, लेबनान में इस्राइली हमले से नाराज, बढ़ेगा तनाव?
नीम के पत्ते: हर सुबह खाली पेट 10-12 नीम के पत्ते खाए।
एंटी-इंफ्लेमेटरी फूड्स: नारियल तेल, कोल्ड-प्रेस्ड तेल और बादाम का तेल खाना पकाने में इस्तेमाल किया।
खट्टे फल और जूस: अनार, आंवला, चुकंदर, कद्दू और अखरोट नियमित डाइट का हिस्सा बने।
मसालेदार चाय: सुबह की चाय में दालचीनी, लौंग, गुड़ और इलायची शामिल थीं।
डाइट का असर: कैंसर और फैटी लिवर को दूर करने का रामबाण
पढ़ें :- इम्तियाज अली बुर्का और पर्दा प्रथा को लेकर दिया बड़ा बयान, बोले- महिलाएं जब कहती हैं वो इसमें कंफर्टेबल हैं, तो ये पिछड़े समाज की निशानी
सिद्धू ने बताया कि कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने के लिए खाने और उपवास का सही तालमेल जरूरी है। उन्होंने कहा कि शुगर और कार्बोहाइड्रेट से दूरी बनाकर कैंसर सेल्स को भूखा मारा जा सकता है। शाम को 6 बजे तक खाना खाकर रात भर का उपवास और अगले दिन नींबू पानी से शुरुआत करना उनके रूटीन का अहम हिस्सा था।
सिद्धू ने यह भी बताया कि यह डाइट न केवल कैंसर, बल्कि फैटी लिवर जैसी बीमारियों को ठीक करने में भी कारगर है।
सरकारी अस्पतालों पर भरोसा
नवजोत कौर ने ज्यादातर इलाज पटियाला स्थित सरकारी राजेंद्र मेडिकल कॉलेज में कराया। सिद्धू ने जोर देकर कहा कि कैंसर का इलाज महंगे अस्पतालों के बिना भी संभव है, अगर मरीज अनुशासन और सकारात्मकता से काम लें।
सिद्धू की अपील: हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं
सिद्धू ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को अनुशासन, साहस और हेल्दी डाइट से हराया जा सकता है। उन्होंने दूसरों को भी इस प्रेरणादायक कहानी से सीखने और अपनी लाइफस्टाइल में सुधार लाने की सलाह दी।
पढ़ें :- कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन खत्म कराने पहुंची दिल्ली पुलिस, अभिजीत दीपके बोले- शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे तक नहीं हटेंगे
कैंसर फ्री होने का सबूत
नवजोत कौर का हाल ही में पॉजिट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी (PET) स्कैन किया गया, जिसमें उनकी स्थिति कैंसर फ्री पाई गई। यह सिद्ध करता है कि नेचुरल और अनुशासित जीवनशैली गंभीर बीमारियों से उबरने में कितनी महत्वपूर्ण है।