अलवर। राजस्थान के अलवर जिले (Alwar District) से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने स्कूल, शिक्षक और बच्चों की सुरक्षा तीनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बता दें कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) समारोह के बाद बच्चों को घुमाने और तैराकी सिखाने के नाम पर करीब दो किलोमीटर दूर एक बांध तक जाया गया, लेकिन वहां जो हुआ, उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
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ये कोई अलवर जिले के एक स्कूल की लड़कियां है जो बांध में तैराकी सीखने है थी लेकिन उसी स्कूल के प्रिसिपल नंगा होकर इन लड़कियों के साथ नहा रहा है।
ये बिल्कुल घिनोना कृत्य है प्रिसिपल को मर्यादा रखनी चाहिए थी लड़कियों के बीच बिना कपड़ों के नहीं जाना चाहिए था…
और इन लड़कियों के… pic.twitter.com/z2LszbsQtW
— Pushpraj sharma (@RealpushprajX) August 23, 2026
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वीडियो में स्कूल का प्रिंसिपल छात्राओं के साथ बांध के पानी में बिना कपड़ों के नहाता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद बवाल मच गया है। ग्रामीण स्कूल पहुंचे, पुलिस को सूचना दी गई और शिक्षा विभाग (Education Department) ने मामले में जांच शुरू कर दी। अब विभाग ने प्रिंसिपल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह सरकारी स्कूल अलवर के थानागाजी इलाके में है। आरोप है कि स्कूल का प्रिंसिपल छात्र-छात्राओं को लेकर जंगल के रास्ते करीब दो किलोमीटर दूर भड़ाज बांध की तरफ निकल गए। कहा गया कि बच्चों को भ्रमण कराया जाएगा और तैराकी सिखाई जाएगी। यहां करीब 20 से 25 बड़ी छात्राओं के भी मौजूद होने की बात सामने आई है। अब सवाल उठता है कि इन लड़कियों के साथ कोई महिला टीचर क्यों नहीं है।
अलवर में सरकारी स्कूल का प्रिंसिपल लड़कियों को बांध में घुमाने लेकर जाता है। वहां छात्राओं के साथ पानी में वह भी नहा रहे है।
वीडियो में लड़कियां के साथ दिखाई देने के बाद गांव वालों ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी से शिकायत दर्ज कराया है।
शिक्षा विभाग ने विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगा है।… pic.twitter.com/pOdYeNPRUh
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— Er. Kripa Shankar (@ErKripaShankary) August 22, 2026
अब सवाल यही है कि बच्चों को जिस जगह ले जाया गया, क्या वह उनके लिए सुरक्षित थी? स्थानीय लोगों के मुताबिक, बांध की पाल करीब 5 से 6 फीट चौड़ी है। यहां पहले भी डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं। ग्रामीणों और प्रशासन के मुताबिक, करीब चार साल से इस जगह पर जाने को लेकर पाबंदी भी बताई जा रही है। इसके बावजूद बच्चों को वहां ले जाने का आरोप है।
न लाइफ जैकेट, न सुरक्षा का इंतजाम?
ग्रामीणों का आरोप है कि बच्चों को बिना लाइफ जैकेट (Life jacket) और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के पानी में उतारा गया। कई बच्चों को तैरना आता भी नहीं था। यानी एक तरफ बच्चों की सुरक्षा का सवाल था और दूसरी तरफ बांध का पानी, लेकिन इस पूरे मामले ने तब तूल पकड़ा, जब वहां का एक वीडियो सामने आया। वीडियो में प्रिंसिपल छात्राओं के साथ पानी में नजर आ रहे हैं। वीडियो बनाने वाले लोगों ने इसे रिकॉर्ड किया और फिर यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे मामले को शिक्षा विभाग (Education Department) तक पहुंचा दिया। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगा। गांव में इसकी चर्चा होने लगी। लोग स्कूल पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। इस मामले को लेकर कई सवाल थे। बच्चों को बांध तक क्यों ले जाया गया? क्या स्कूल प्रशासन को इसकी जानकारी थी? क्या बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम किया गया था? और सबसे बड़ा सवाल- एक शिक्षक और प्रिंसिपल का छात्राओं के साथ इस तरह पानी में जाना क्या उचित था?
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शिक्षा विभाग के तरफ से जारी लेटर में क्या कहा गया?
शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय थानागाजी के प्रधानाचार्य का छात्राओं के साथ बांध में नहाने का आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। विभाग ने प्रथम दृष्टया इसे प्रधानाचार्य के नैतिक आचरण के लिए निर्धारित नियमों के विपरीत माना है। इसी आधार पर प्रिंसिपल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में मुख्यालय बीकानेर रहेगा।
पुलिस और शिक्षा विभाग (Education Department) ने मामले की जांच शुरू कर दी। थानागाजी थाना प्रभारी राजकुमार मीणा (Rajkumar Meena, Station House Officer (SHO), Thanagazi Police Station) के मुताबिक, मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने प्रिंसिपल के बयान दर्ज किए। अभी तक किसी छात्र, छात्रा या अभिभावक की तरफ से लिखित शिकायत नहीं मिली। लेकिन पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है। वीडियो में जो दिखाई दे रहा है, उसकी परिस्थितियां क्या थीं, बच्चों को वहां किस मकसद से ले जाया गया। इसके जवाब तलाशे जा रहे हैं। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने भी इसे गंभीरता से लिया। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी शकुंतला यादव (Chief Block Education Officer Shakuntala Yadav) ने बताया कि छात्राओं, प्रिंसिपल और अभिभावकों से जानकारी ली गई। अब विभागीय टीम पूरे मामले की जांच करेगी। जिला शिक्षा अधिकारी मनोज शर्मा (District Education Officer Manoj Sharma) ने भी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (Block Education Officer) से रिपोर्ट मांगी थी। उन्होंने साफ कहा था कि जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी और अब कार्रवाई हो भी चुकी है। प्रिंसिपल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।