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अंग्रेजों से हमने वोट का हक छीनकर लिया था, आज उसी हक को बचाने के लिए फिर लड़ना पड़ रहा है…पीएम मोदी और चुनाव आयोग पर खरगे का निशाना

By शिव मौर्या 
Updated Date

नई दिल्ली। दिल्ली में आज कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई। इस बैठक में कांग्रेस ने सरकार के सामने पांच मांगे रखी हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि, आज की बैठक उससे भी महत्वपूर्ण है। फिर से कांग्रेस के कंधों पर अंग्रेजी राज की तरह ही भारत के लोकतंत्र और संविधान को बचाने की ऐतिहासिक जिम्मेवारी खड़ी है। अंग्रेजों से हमने वोट का हक छीनकर लिया था। आज उसी हक को बचाने के लिए फिर लड़ना पड़ रहा है। हमारे पुरखों ने जिस मजबूत लोकतंत्र की नीव अपने त्याग और बलिदानों से रखी थी, लोकतंत्र की उस नींव को मोदी सरकार ने 12 वर्षों में षड्यंत्रकारी तरीके से खोखला कर दिया है।

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उन्होंने आगे ​कहा, साजिश के साथ लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाये जा रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त मोदी सरकार की कठपुतली बन गया है। यह भारतीय लोकतंत्र की उस सोच और भावना के विपरीत है, जिसके तहत यह तय किया गया कि हर योग्य नागरिक का वोट सुरक्षित हो और हर वोट की निष्पक्ष गिनती हो। खरगे ने कहा, बाबा साहेब डॉ अंबेडकर ने 15 जून 1949 को संविधान सभा में कहा था कि “Franchise is a most fundamental thing in a democracy। कोई भी व्यक्ति, जिसे हमारे संविधान के हिसाब से voter list में शामिल किया जाना चाहिए, उसे किसी local Government के prejudice या किसी officer की whim पर बाहर नहीं किया जाना चाहिए।” बाबा साहेब ने कहा था, किसी अफसर की मर्जी से नाम नहीं कटेगा। आज अफसर BJP और मोदी सरकार के इशारे पर मनमर्जी से नाम काट रहे है।

खरगे ने कहा, दिसम्बर 1988 में इसी देश के प्रधानमंत्री स्व० राजीव गांधी जी ने युवाओं को अधिकार दिलाने के लिए मताधिकार की उम्र 21 वर्ष से घटाकर 18 कर दिया था। और एक प्रधानमंत्री मोदी जी हैं जो GenZ से इतना नाराज़ हैं कि उन्होंने साज़िशन युवाओं को मताधिकार से बेदखल करने की योजना बना डाली। चुपचाप Form 6 के नियमों में बदलाव करवा दिया। यह पूरी तरह से ग़ैरक़ानूनी है। नौकरी तो दी नहीं, अब वोट का अधिकार भी नहीं देना चाहते हैं। नौजवान सवाल पूछेगा, उखाड़ फेंकेगा, इसका डर मन में बैठ गया है। लेकिन ये हक कोई खैरात में नहीं मिला है, लाखों लोगों ने इसके लिए कुर्बानियां दी हैं। मोदी शाह जैसे लोग चाहे जितने भी षड्यंत्र कर लें, कांग्रेस उन्हें सफल नहीं होने देगी। ये लोकतंत्र, ये वोट का हक, ये हमारी विरासत है, जो खून पसीने से सींची है। कोई तानाशाह उसे बर्बाद कर दे, ये हम होने नहीं देंगे।

कांग्रेस पार्टी ने की पांच मांग
1. मतदाता सूची में होने वाले हर बड़े बदलाव का पूरा डेटा सार्वजनिक हो।
2. जिन वोटरों के नाम हटाए गए हैं, उन्हें पूरी सूचना और अपील का अवसर मिले।
3. राजनीतिक दलों को मतदाता सूची और उससे संबंधित आवश्यक डेटा simple format में समय पर उपलब्ध हो।
4. जहां गंभीर विसंगतियों के प्रमाण सामने आएं, वहां स्वतंत्र और समयबद्ध जांच हो।
5. चुनाव प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण डेटा और निर्णयों में खुद ऐसी पारदर्शिता हो कि किसी पक्ष को यह कहने का अवसर न मिले कि जानकारी छिपाई जा रही है।

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