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TMC को सुप्रीम कोर्ट से लगा बड़ा झटका: “काउंटिंग में केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती नियमों का उल्लंघन नहीं”

By हर्ष गौतम 
Updated Date

नई दिल्ली।  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। 294 सीटों वाली विधानसभा के लिए 4 मई को काउंटिंग होनी है, लेकिन उससे पहले मतगणना केंद्रों पर केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती को लेकर उठे विवाद पर अदालत ने साफ कर दिया कि इसमें कोई नियमों का उल्लंघन नहीं है। दरअसल, टीएमसी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें चुनाव आयोग के उस निर्देश को सही ठहराया गया था कि हर काउंटिंग टेबल पर सुपरवाइजर या असिस्टेंट में से कम से कम एक कर्मचारी केंद्र सरकार या पब्लिक सेक्टर यूनिट (PSU) से होना चाहिए। चुनाव आयोग ने यह निर्देश 30 अप्रैल को जारी किया था।

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सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि काउंटिंग प्रक्रिया में केंद्र सरकार के कर्मचारियों की नियुक्ति नियमों के खिलाफ नहीं मानी जा सकती। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि इस मामले में किसी नए आदेश की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने चुनाव आयोग की ओर से दाखिल उस रिपोर्ट को भी रिकॉर्ड पर लिया, जिसमें आयोग ने भरोसा दिया कि संबंधित सर्कुलर को पूरी भावना और नियमों के अनुसार लागू किया जाएगा। सुनवाई के दौरान टीएमसी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आयोग बैठकों की जानकारी साझा नहीं कर रहा और हर टेबल पर केंद्रीय कर्मचारी की अनिवार्यता पर भी आपत्ति जताई। सिब्बल का कहना था कि पहले से ही माइक्रो ऑब्जर्वर के रूप में केंद्र सरकार के प्रतिनिधि मौजूद रहते हैं, फिर अतिरिक्त केंद्रीय कर्मचारियों की जरूरत क्यों है।

उन्होंने यह भी दलील दी कि नियमों के अनुसार राज्य सरकार के नामित कर्मचारियों की भी भूमिका होनी चाहिए, लेकिन चुनाव आयोग अपनी सुविधा के अनुसार नियुक्तियां कर रहा है। हालांकि कोर्ट ने उनकी दलीलों पर कहा कि नियमों में स्पष्ट है कि काउंटिंग सुपरवाइजर और सहायक की नियुक्ति राज्य या केंद्र—किसी भी पूल से की जा सकती है, इसलिए इसे गलत नहीं कहा जा सकता। बाद में टीएमसी ने अपना रुख थोड़ा नरम करते हुए कहा कि उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि हर टेबल पर कम से कम एक कर्मचारी राज्य सरकार का भी होना चाहिए।

इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट भी साफ कर चुका था कि काउंटिंग स्टाफ की नियुक्ति पूरी तरह चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आती है और इसमें कोई अवैधता नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा था कि केंद्रीय कर्मचारियों पर राजनीतिक प्रभाव के आरोप केवल आशंका हैं, जिनके समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं दिया गया। अब सुप्रीम कोर्ट के रुख के बाद साफ है कि मतगणना चुनाव आयोग के तय नियमों के तहत ही कराई जाएगी, और TMC को इस मामले में फिलहाल कोई बड़ी राहत नहीं मिली है।

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