What is the 'e-Sanjeevani scheme'? अक्तूबर 2026 महीने के आखिरी रविवार (25 अक्टूबर) को पीएम नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 139वीं कड़ी में राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने पंजाब के ‘खेती विरासत मिशन’ संगठन, उत्तराखंड के लोगों की ओर से 'हेवल' नदी के संरक्षण प्रयासों और 'लोकल के लिए वोकल' समेत कई मुद्दों पर बात की। जिसमें 'e-Sanjeevani योजना' का जिक्र शामिल था। उन्होंने कहा कि 'e-Sanjeevani योजना' के जरिये अंडमान-निकोबार और लक्ष्यदीप जैसे इलाकों में लोगों जान बचाई जा सकी। आइये जानते हैं कि 'e-Sanjeevani योजना' क्या है और आम जनता कैसे इसका लाभ उठा सकते हैं-
What is the ‘e-Sanjeevani scheme’? अक्तूबर 2026 महीने के आखिरी रविवार (25 अक्टूबर) को पीएम नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 139वीं कड़ी में राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने पंजाब के ‘खेती विरासत मिशन’ संगठन, उत्तराखंड के लोगों की ओर से ‘हेवल’ नदी के संरक्षण प्रयासों और ‘लोकल के लिए वोकल’ समेत कई मुद्दों पर बात की। जिसमें ‘e-Sanjeevani योजना’ का जिक्र शामिल था। उन्होंने कहा कि ‘e-Sanjeevani योजना’ के जरिये अंडमान-निकोबार और लक्ष्यदीप जैसे इलाकों में लोगों जान बचाई जा सकी। आइये जानते हैं कि ‘e-Sanjeevani योजना’ क्या है और आम जनता कैसे इसका लाभ उठा सकते हैं-
जानकारी के अनुसार, ‘e-Sanjeevani योजना’ केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही एक राष्ट्रीय टेलीमेडिसिन (Telemedicine) सेवा है। इसके माध्यम से देश के आम नागरिक घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए डॉक्टर से ऑनलाइन बिल्कुल मुफ्त परामर्श और दवा की पर्ची प्राप्त कर सकते हैं। इसे 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान लॉन्च किया गया था, जिससे लोग घर बैठे सीधे ऑनलाइन ओपीडी के जरिए डॉक्टर से ऑडियो-वीडियो सलाह ले सकें। यह आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत काम करती है और आपके स्वास्थ्य रिकॉर्ड को एबीएचए आईडी से लिंक करने की सुविधा देती है। 16 अगस्त 2026 तक, ई-संजीवनी के माध्यम से देश भर में 49.3 करोड़ से अधिक लोगों का टेली-परामर्श किया जा चुका है।
पीएम मोदी ने किया जिक्र
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘e-Sanjeevani योजना’ इसका एक बहुत अच्छा उदाहरण है। इससे पता चलता है कि लोगों के जीवन को आसान बनाने में Technology का कैसे बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है। मुझे ये देखकर बहुत संतोष होता हैं कि इसके जरिए अब तक करीब 50 करोड़ Tele-Consultation किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा बहुत बड़ा है। अंडमान-निकोबार के बाराटांग द्वीप में जारवा जनजाति के सात साल के ओहो-ताहाने को तेज बुखार था। सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। ऐसे में local health workers ने e-Sanjeevani के जरिए expert doctor से संपर्क किया। उस बच्चे को निमोनिया था और जैसे ही वो expert doctor की निगरानी में आया, उसकी स्थिति में तेजी से सुधार होने लगा। लक्षद्वीप के कल्पेनी में करीब 60 साल के कुन्ही कोया जी की तबीयत एक दिन अचानक बिगड़ गई थी। तब समुद्र के उस पार कवरत्ती में बैठे अनुभवी doctor से e-Sanjeevani के जरिए संपर्क किया गया। उन अनुभवी doctor ने local medical team को guide किया और कुन्ही कोया जी को राहत पहुंचाई।’