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वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत ने निर्यात में लगाई लंबी छलांग, पांच फीसदी का इजाफा

भारत ने अप्रैल-मई में निर्यात क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है। भारत के निर्यात में इस अवधि में पांच फीसदी का इजाफा हुआ है। इसे लेकर वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Commerce and Industry Minister Piyush Goyal) ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत के निर्यात में अच्छी बढ़ोतरी हुई है।

By santosh singh 
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नई दिल्ली। भारत ने अप्रैल-मई में निर्यात क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है। भारत के निर्यात में इस अवधि में पांच फीसदी का इजाफा हुआ है। इसे लेकर वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Commerce and Industry Minister Piyush Goyal) ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत के निर्यात में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि अप्रैल-मई के बाद जून में भी निर्यात के आंकड़े सकारात्मक रहे हैं। सबसे ज्यादा सर्विस सेक्टर में इजाफा हुआ है।

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वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Commerce Minister Piyush Goyal) ने कहा कि रूस-यूक्रेन, इजराइल-हमास युद्ध, लाल सागर संकट और कंटेनर की कमी के बीच भारत का निर्यात सकारात्मक रहा। इसमें सर्विस सेक्टर एक्सपोर्ट में अधिक वृद्धि हुई है। गोयल ने कहा कि मई के बाद भी जून का आंकड़ा बेहद अच्छा है। कुल मिलाकर पहली तिमाही में एक्सपोर्ट बेहतर रहा है। वाणिज्य मंत्रालय 15 जुलाई को जून महीने के निर्यात का आधिकारिक डाटा जारी करेगा। उन्होंने बताया कि मई में भारत का बिजनेस एक्सपोर्ट 9.1 फीसदी बढ़ा और 38.13 अरब अमेरिकी डॉलर (US Dollar)  रहा। वहीं चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-मई में आउट बाउंड शिपमेंट 5.1 फीसदी बढ़कर 73.12 अरब डालर रहा।

उन्होंने बताया कि डिजिटल इंडिया मिशन (Digital India Mission) और 4जी और 5जी के चलते सर्विस सेक्टर में निर्यात को बढ़ावा मिला है। इससे साफ है कि वैश्विक चुनौती के बाद इस वर्ष भारत माल और सेवा क्षेत्र में निर्यात के 800 अरब अमेरिकी डॉलर (US Dollar)  के लक्ष्य को पार कर लेगा। 2023-24 में भारत का निर्यात 778.2 अरब अमेरिकी डॉलर रहा था।

एफडीआई (FDI)  को लेकर वाणिज्य मंत्री ने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंदी के हालात में सुधार होगा तो इसमें भी बढ़ोतरी होगी। वैसे लगातार भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश हो रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और अन्य विकसित देशों में ब्याज दरें ज्यादा हैं, ऐसे में यहां निवेश करना फायदे का सौदा होगा।

उद्योग और आंतरिक संवर्धन विभाग (Department of Industry and Internal Promotion) के आंकड़ों के अनुसार भारत में एफडीआई (FDI)  में 2023-24 में 3.49 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। यह 44.42 अरब अमेरिकी डॉलर (US Dollar)  रहा था। मगर जनवरी-मार्च 2024 में एफडीआई (FDI) 33.4 फीसदी बढ़कर 12.38 अरब अमेरिकी डॉलर (US Dollar)  रहा। यह 2023 में 9.28 बिलियन अमेरिकी डॉलर (US Dollar) था। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) में निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। जून में भारत ने 26,565 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त किया।

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