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Waqf Bill Passed : योगी सरकार अब बड़े एक्‍शन के मूड में, अवैध घोषित वक्फ संपत्तियों को करेगी जब्त, जिलाधिकारियों को दिए ये आदेश

लोकसभा और राज्‍यसभा (Lok Sabha and Rajya Sabha) से वक्‍फ संशोधन बिल पास (Waqf Amendment Bill Passed) हो गया है। इसके बाद यूपी की योगी सरकार (Yogi Government)  बड़े एक्‍शन के मूड में दिख रही है। योगी सरकार (Yogi Government) पूरे प्रदेश में अवैध रूप से वक्फ घोषित की गई संपत्तियों को जब्त करेगी।

By santosh singh 
Updated Date

लखनऊ। लोकसभा और राज्‍यसभा (Lok Sabha and Rajya Sabha) से वक्‍फ संशोधन बिल पास (Waqf Amendment Bill Passed) हो गया है। इसके बाद यूपी की योगी सरकार (Yogi Government)  बड़े एक्‍शन के मूड में दिख रही है। योगी सरकार (Yogi Government) पूरे प्रदेश में अवैध रूप से वक्फ घोषित की गई संपत्तियों को जब्त करेगी। इस बारे में सभी जिलों के डीएम को अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। राजस्व विभाग (Revenue Department)  के रिकॉर्ड के अनुसार, उनके अभिलेख में केवल 2963 वक्फ संपत्तियां (Waqf Properties) ही दर्ज हैं। बाकी संपत्तियों को अवैध रूप से वक्फ घोषित किया गया है। सरकार का कहना है कि सरकारी और ग्राम समाज की जमीनें वक्फ की संपत्ति (Waqf Properties) नहीं हो सकती हैं। इसके बावजूद प्रदेश में कई संपत्तियों को मनमाने तरीके से वक्फ घोषित कर दिया गया है।

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बताते चलें कि यूपी में कई संपत्तियों को गलत तरीके से वक्फ की संपत्ति बता दिया गया है। इनमें खलिहान, तालाब और पोखर जैसी जमीनें शामिल हैं। पीलीभीत में एक तालाब की जमीन को वक्फ की घोषित किए जाने का मामला हाई कोर्ट में चल रहा है। इसी को देखते हुए राजस्व विभाग पूरे प्रदेश में सर्वे करा रहा है। इस सर्वे में यह पता लगाया जाएगा कि कितनी संपत्तियों को अवैध तरीके से वक्फ बताया गया है? जिलाधिकारियों से इस बारे में विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।

राजस्व अभिलेखों में सिर्फ 2533 सुन्नी और 430 शिया संपत्तियां हैं दर्ज 

उत्तर प्रदेश में जमीनों के नामांतरण की एक तय प्रक्रिया है। ग्रामीण इलाकों में यह प्रक्रिया स्पष्ट रूप से निर्धारित है। शहरी इलाकों में जेड ‘ए’ श्रेणी से अलग संपत्तियों को दर्ज नहीं किया जाता है। वक्फ बोर्ड के रजिस्टर -37 में सुन्नी वक्फ बोर्ड (Sunni Waqf Board) की 124355 और शिया वक्फ बोर्ड (Shia Waqf Board) की 7785 संपत्तियां दर्ज हैं। लेकिन जिलाधिकारियों द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार, राजस्व अभिलेखों में सिर्फ 2533 सुन्नी और 430 शिया संपत्तियां ही दर्ज हैं। इसका मतलब है कि बाकी संपत्तियों का कोई भी उल्लेख राजस्व रिकॉर्ड में नहीं है। सरकार का मानना है कि इन संपत्तियों को राज्य सरकार वापस ले सकती है।

ग्राम समाज और सरकारी जमीनों को  नहीं घोषित किया जा सकता वक्फ संपत्ति

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राजस्व विभाग (Revenue Department) ने सभी जिलाधिकारियों को सर्वे करने और रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। उनसे यह जानकारी मांगी गई है कि उनके जिले में कितनी ऐसी संपत्तियां हैं जिन्हें नियमों के खिलाफ जाकर वक्फ की घोषित किया गया है। सरकार का कहना है कि ग्राम समाज और सरकारी जमीनों को वक्फ की संपत्ति नहीं घोषित किया जा सकता है। केवल दान दी गई संपत्ति को ही वक्फ माना जा सकता है।

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