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बीकेटीसी का बड़ा फैसला, समिति के अधीन आने वाले मंदिरों में गैर हिंदुओं की एंट्री होगी बैन

श्रीगंगा सभा (Shri Ganga Sabha) ने हाल ही में हर की पैड़ी समेत कई घाटों पर गैर हिंदुओं के प्रवेश को निषेध कर दिया था। अब बदरीनाथ, केदारनाथ धाम (Badrinath, Kedarnath Dham) के अलावा बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अधीन आने वाले मंदिरों में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित होगा। बीकेटीसी की ओर से आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित किया जाएगा।

By संतोष सिंह 
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देहरादून। श्रीगंगा सभा (Shri Ganga Sabha) ने हाल ही में हर की पैड़ी समेत कई घाटों पर गैर हिंदुओं के प्रवेश को निषेध कर दिया था। अब बदरीनाथ, केदारनाथ धाम (Badrinath, Kedarnath Dham) के अलावा बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अधीन आने वाले मंदिरों में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित होगा। बीकेटीसी की ओर से आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित किया जाएगा।

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बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि बदरीनाथ, केदारनाथ धाम समेत मंदिर समिति (Badrinath, Kedarnath Dham and other temples under the temple committee) के अधीनस्थ सभी मंदिरों में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित रहेगा। इसके लिए मंदिर समिति की आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड (Devbhoomi Uttarakhand) की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की रक्षा सर्वोपरि है। केदार खंड से लेकर मानस खंड तक स्थापित मंदिर शृंखला में परंपरागत रूप से गैर हिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहा है, लेकिन गैर भाजपा सरकारों के समय परंपराओं का उल्लंघन होता रहा है। परंपराओं का विधिवत अनुपालन सुनिश्चित हो सके, इसके लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।

बीकेटीसी अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Minister Pushkar Singh Dhami) के दिशा-निर्देशों में प्रदेशभर में अवैध मजारों को हटाने की कार्रवाई स्वागत योग्य है। यह कदम उत्तराखंड की धार्मिक अस्मिता, सांस्कृतिक विरासत और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। प्रदेश में जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार समेत यूसीसी लागू होने, कठोर नकल कानून सहित, अंकिता भंडारी मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश से जनमानस का सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य सरकार और मंदिर समिति के समन्वय से देवभूमि की पवित्रता एवं परंपराओं की रक्षा और अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी। इसके लिए मंदिर समिति प्रभावी कदम उठाने जा रही है।

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