1. हिन्दी समाचार
  2. मध्य प्रदेश
  3. सीएम ने मीडिया को बताया- सालों पुरानी देनदारियों से मुक्त हुआ मध्यप्रदेश

सीएम ने मीडिया को बताया- सालों पुरानी देनदारियों से मुक्त हुआ मध्यप्रदेश

सूबे के सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने मीडिया को बताया है कि सरकार के वित्तीय प्रबंधन से सालों पुरानी देनदारियां चुका दी गई है अर्थात प्रदेश पर किसी तरह से देनदारियां नहीं है।

By Shital Kumar 
Updated Date

भोपाल। सूबे के सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने मीडिया को बताया है कि सरकार के वित्तीय प्रबंधन से सालों पुरानी देनदारियां चुका दी गई है अर्थात प्रदेश पर किसी तरह से देनदारियां नहीं है। उन्होंने कहा है कि अब सरकार विकास के साथ औद्योगिक गतिविधियों और जन हितैषी कामों पर तेजी से बढ़ रही है।

पढ़ें :- कलयुगी बेटे ने पहले कुल्हाड़ी से काटा मां के दोनों हाथ, बचाने आए पिता के सिर पर किया वार, भाई को कुएं फेक घर को बनाया कत्लखाना

मुख्यमंत्री ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में डबल इंजन की सरकार जनहितैषी संकल्पों के साथ आगे बढ़ रही है। सरकार ने इस वर्ष बजट में कोई नया कर नहीं लगाया है, इसके बाद भी बजट में 16 प्रतिशत की वृद्धि की गई। राज्य सरकार ने शासकीय कर्मचारियों के हित में लगभग 10-15 वर्ष तक पुराने भत्तों की राशि बढ़ाने का निर्णय लिया। इससे 1500 करोड़ रुपए का कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। एमएसएमई और हैवी इंडस्ट्रीज सहित सभी प्रकार की इकाइयों को गत एक वर्ष में लगभग 5 हजार 225 करोड़ रुपए की राशि देने का काम किया। मुख्यमंत्री ने अफसरों से दो टूक कहा कि प्रदेश का कोई भी स्कूल जर्जर हालत में न हो। समय रहते उसे ठीक करें। स्कूली बच्चों को अच्छा माहौल मिले, गर्मी में कूलर, पंखे और पीने के पानी का अच्छा इंतजाम हो। कन्या छात्रावासों में महिला कर्मियों व अधिकारियों की नियुक्ति हो। नई शिक्षा नीति-2020 का अक्षरश: पालन करें।

उद्यानिकी इंडस्ट्री कॉन्क्लेव होगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीमच, मंदसौर में औषधीय कृषि के लिए उद्यानिकी इंडस्ट्री कॉन्क्लेव होगा। आगामी 5 वर्ष में 33 लाख 91 हजार हेक्टेयर तक उद्यानिकी फसल का लक्ष्य है। रीवा के सुंदरजा आम और रतलाम के रियावन लहसुन को जीआई टैग प्राप्त हो चुका है। वहीं खरगोन की लाल मिर्च, जबलपुर के मटर, बुरहानपुर के केले, सिवनी के सीताफल, नरसिंहपुर के बैंगन, बैतूल के गजरिया आम, इंदौर के मालवी आलू, रतलाम की बालम ककड़ी, जबलपुर के सिंघाड़ा, धार की खुरासानी इमली और इंदौर के मालवी गराडू को जीआई टैग दिलाने की प्रकिया जारी है।

पढ़ें :- UGC Regulations 2026 : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और यूजीसी से जवाब मांगा, अगले आदेश तक 2012 वाले नियम लागू
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...