गुवाहाटी। असम में मूसलाधार बारिश के चलते बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के जारी आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ की इस पहली लहर में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है और राज्य के छह जिलों में 37,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। पिछले 24 घंटों में बाढ़ प्रभावितों की संख्या में चार गुना से अधिक की बढ़ोतरी देखी गई है।
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सोनितपुर में मिला लापता व्यक्ति का शव
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, मौत का ताजा मामला सोनितपुर जिले के चारिदुआर से सामने आया है, जहां सोमवार रात से लापता एक व्यक्ति का शव मंगलवार को बरामद किया गया। आपको बता दें कि इससे पहले धेमाजी जिले में दो और चराइदेव जिले में एक व्यक्ति की जान जा चुकी है।
लखीमपुर जिला सबसे बुरी तरह प्रभावित
सूत्रों के अनुसार, बाढ़ का पानी सोनितपुर, डिब्रूगढ़, लखीमपुर, धेमाजी, जोरहाट और शिवसागर जिलों के 12 मंडलों और 99 गांवों में फैल चुका है। इसमें सबसे ज्यादा तबाही लखीमपुर जिले में देखने को मिल रही है जहां 35,696 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इसके अलावा सोनितपुर में 1,178 और धेमाजी में 158 लोग प्रभावित हैं। पड़ोसी राज्य अरुणाचल प्रदेश और एनएचपीसी बांध से पानी छोड़ने के कारण सुबनसिरी नदी उफान पर है, जिससे माजुली-लखीमपुर सीमा के कई गांव पानी में डूब गए है।
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फसलें बर्बाद, बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान
बड़े पैमाने पर बाढ़ के कारण संपत्ति और कृषि को नुकसान हुआ है। जिसमें करीब 1,103.94 हेक्टेयर कृषि भूमि पूरी तरह पानी में डूब चुकी है, जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। इसके अलावा मुर्गी पालन समेत 16,139 से अधिक पालतू जानवर इससे प्रभावित हुए हैं और साथ ही दो मवेशी पानी में बह गए हैं। यहां के धेमाजी और जोनाई इलाकों में सिमेन नदी पर बने पुल और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे रेल और सड़क संपर्क टूट गया है। इसके चारिदुआर क्षेत्र में जिया भराली नदी के तेज बहाव के कारण एक सुरक्षा तटबंध भी टूट चुका है।
राहत और बचाव कार्य तेज
इस परिस्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। साथ ही जरूरी खाद्य सामग्री और दवाएं बांटने के लिए कुल 20 राहत वितरण केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके अलाव राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमों ने बाढ़ प्रभावित इलाकों से नावों के जरिए 16 लोगों को सुरक्षित निकाला है। भारतीय मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में और तेज बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे असम की प्रमुख नदियों का जलस्तर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। वहीं प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अलर्ट करते हुए सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी है।