यूपी में बच्चों के स्वस्थ भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए योगी सरकार (Yogi Government) पोषण अभियान के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष ध्यान दे रही है । प्रदेश भर के आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी के लिए 1 लाख 33 हजार से अधिक आधुनिक उपकरण स्टेडियोमीटर (Stadiometer) जल्द उपलब्ध कराए जाएंगे।
लखनऊ। यूपी में बच्चों के स्वस्थ भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए योगी सरकार (Yogi Government) पोषण अभियान के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष ध्यान दे रही है । प्रदेश भर के आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी के लिए 1 लाख 33 हजार से अधिक आधुनिक उपकरण स्टेडियोमीटर (Stadiometer) जल्द उपलब्ध कराए जाएंगे। इन उपकरणों की मदद से बच्चों की लंबाई की सटीक जानकारी प्राप्त हो रही है, जिससे उनके पोषण स्तर का सही आकलन करने में मदद मिलती है।
ग्रोथ मॉनिटरिंग के लिए आधुनिक उपकरण
प्रदेश सरकार के तरफ से आंगनबाड़ी केंद्रों पर ग्रोथ मॉनिटरिंग (Growth Monitoring) के लिए कई आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। वर्ष 2021 और 2022 में एक लाख 88 हजार से अधिक स्टेडियोमीटर उपकरणों की आपूर्ति की गई थी। स्टेडियोमीटर के माध्यम से 2 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों की ऊंचाई का सटीक आकलन किया जाता है। इस उपकरण की मदद से बच्चों के विकास की नियमित निगरानी संभव हो रही है और कुपोषण की पहचान समय रहते की जा रही है। सरकार का मानना है कि बचपन में स्वास्थ्य और पोषण की सही देखभाल ही एक मजबूत समाज की नींव रखती है। इसी उद्देश्य से प्रदेश के लाखों बच्चों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए आंगनबाड़ी व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।
तकनीक के सहारे कुपोषण पर प्रहार
योगी सरकार (Yogi Government) ने कुपोषण के खिलाफ चल रही लड़ाई में तकनीक को महत्वपूर्ण हथियार बनाया है। प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के विकास की निगरानी के लिए आधुनिक ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस का उपयोग किया जा रहा है। इन उपकरणों के संचालन के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी और बाल विकास परियोजना अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है। इसके बाद उनके माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और मुख्य सेविकाओं को भी प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य का आकलन वैज्ञानिक तरीके से किया जा सके। इससे न केवल बच्चों की वृद्धि की सटीक जानकारी मिल रही है बल्कि समय रहते पोषण संबंधी आवश्यक कदम उठाने में भी मदद मिल रही है।