फारूख अब्दुल्ला ने कहा कि, इस घटना के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उनसे फोन पर बातचीत की और हालचाल जाना। इसके साथ ही मामले की जांच का भरोसा दिया। साथ ही कहा कि, समाज में इन समय नफरत का माहौल है तो इस तरह की घटनाएं हो सकती हैं लेकिन कोई भी धर्म नफरत नहीं सिखता सिर्फ प्यार सिखाता है।
नई दिल्ली। नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रेसिडेंट फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले के बाद उनकी आज पहली प्रतिक्रिया आई है। गुरुवार को उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि, मैं शादी समारोह से बाहर आ रहा था, तभी मैंने तेज आवाज सुनी। मुझे कार में लाया गया, जिसके बाद बताया गया कि, एक व्यक्ति पिस्तौल के साथ था और उसने दो गोलियां चलाईं हैं। उनक कहना है कि, मैं उस व्यक्ति को नहीं जानता हूं और न ही मुझे उसके बारे में कोई जानकारी है।
इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) और पुलिस के जवानों की सरहाना की है। उन्होंने कहा कि, उनके बचाव में जवानों ने जो किया, उसके लिए उनके पास व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस शादी समारोह में कई महत्वपूर्ण हस्तियां मौजूद थीं, लेकिन उस समय कोई पुलिसकर्मी तैनात नहीं था।
फारूख अब्दुल्ला ने कहा कि, इस घटना के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उनसे फोन पर बातचीत की और हालचाल जाना। इसके साथ ही मामले की जांच का भरोसा दिया। साथ ही कहा कि, समाज में इन समय नफरत का माहौल है तो इस तरह की घटनाएं हो सकती हैं लेकिन कोई भी धर्म नफरत नहीं सिखता सिर्फ प्यार सिखाता है।
वहीं, पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है। उसे ग्रेटर कैलाश इलाके के रॉयल पार्क में एक शादी समारोह में फारूक अब्दुल्ला को लोडेड पिस्टल से गोली मारने की कथित कोशिश के बाद पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, फारूक अब्दुल्ला की सुरक्षा में तैनात NSG के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए हमलावर को काबू कर लिया और हत्या के प्रयास को विफल कर दिया।