नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना के एक विंग कमांडर को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के कथित हनी ट्रैप में फंसने और संवेदनशील रक्षा जानकारी साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, मामले में आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। फिलहाल आरोपी अधिकारी न्यायिक हिरासत में है और मामले की जांच चल रही है। भारतीय वायुसेना के अधिकारियों के अनुसार, आरोपी अधिकारी पहले से ही निगरानी में था। खुफिया इनपुट के आधार पर उस पर नजर रखी जा रही थी, जिसके बाद उसे कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंप दिया गया। वायुसेना ने ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई है।
पढ़ें :- केजरीवाल के पीएम आवास मार्च को पुलिस ने रोका, बोले सरकार अमेरिका से एथेनॉल मंगाकर E20 पेट्रोल को बढ़ावा दे रही है
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक विंग कमांडर पर रक्षा से जुड़ी वर्गीकृत जानकारी और गोपनीय दस्तावेज कथित तौर पर साझा करने का आरोप है। इसी आधार पर उसके खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जांच में यह भी सामने आने की बात कही जा रही है कि अधिकारी कथित तौर पर सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों के संपर्क में आया था। सूत्रों के अनुसार, इसी संपर्क के दौरान उसे हनी ट्रैप में फंसाया गया। हालांकि, मामले से जुड़े सभी आरोपों की जांच अभी जारी है।
अधिकारी पर एक सहयोगी के मोबाइल फोन में कथित तौर पर डेटा चोरी करने वाला सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने का भी आरोप है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस माध्यम से किस तरह की जानकारी तक पहुंच बनाई गई और क्या कोई संवेदनशील डेटा बाहर भेजा गया। बताया गया है कि वायुसेना की खुफिया शाखा ने मामले से जुड़े इनपुट दिल्ली पुलिस के साथ साझा किए थे। इसके बाद कार्रवाई करते हुए अधिकारी को गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसियां अब उसके संपर्कों, सोशल मीडिया गतिविधियों और कथित तौर पर साझा की गई जानकारी की पड़ताल कर रही हैं।