1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. गलती से मंदिर की दान पेटी में गिरा आईफोन, जानें कैसे बन गया देवता की प्रॉपर्टी?

गलती से मंदिर की दान पेटी में गिरा आईफोन, जानें कैसे बन गया देवता की प्रॉपर्टी?

तमिलनाडु (Tamil Nadu) के अरुलमिगु कंदस्वामी मंदिर (Arulmighu Kandaswamy Temple) में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक भक्त का गलती से हुंडी (दान पेटी) में गिरा आईफोन मंदिर ने अपनी संपत्ति घोषित कर दिया। विनायकपुरम के निवासी दिनेश ने अपना कीमती आईफोन हुंडी में गिरा, लेकिन उन्हें फोन वापस नहीं मिला और खाली हाथ लौटना पड़ा।

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। तमिलनाडु (Tamil Nadu) के अरुलमिगु कंदस्वामी मंदिर (Arulmighu Kandaswamy Temple) में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक भक्त का गलती से हुंडी (दान पेटी) में गिरा आईफोन मंदिर ने अपनी संपत्ति घोषित कर दिया। विनायकपुरम के निवासी दिनेश ने अपना कीमती आईफोन हुंडी में गिरा, लेकिन उन्हें फोन वापस नहीं मिला और खाली हाथ लौटना पड़ा। मंदिर प्रशासन ने कहा कि हुंडी में जो भी वस्तु गिरती है, वह देवता की संपत्ति मानी जाती है।

पढ़ें :- ‘राम मंदिर’ के चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब, भाजपा सरकार की चुप्पी संदिग्ध, न्यायालय स्वतः संज्ञान ले : अखिलेश यादव

क्या है पूरा मामला?

दिनेश ने एक महीने पहले अपने परिवार के साथ मंदिर का दौरा किया था। पूजा के बाद, उन्होंने हुंडी में पैसे डालने की कोशिश की, लेकिन इस प्रक्रिया में उनका आईफोन उनकी शर्ट की जेब से निकलकर हुंडी में गिर गया। हुंडी की ऊंचाई के कारण वह फोन निकालने में असमर्थ रहे। घबराए दिनेश ने मंदिर प्रशासन से संपर्क किया, लेकिन उन्हें बताया गया कि हुंडी में गिरने के बाद किसी भी वस्तु को वापस नहीं दिया जा सकता क्योंकि यह अब देवता की संपत्ति है।

आधिकारिक परंपरा और दिनेश की याचिका मंदिर प्रशासन ने बताया कि परंपरा के अनुसार हुंडी को हर दो महीने में ही खोला जाता है। दिनेश ने हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती (HR&CE) विभाग में शिकायत दर्ज कराई और हुंडी खोलने की सूचना देने की अपील की। शुक्रवार को हुंडी खोले जाने पर दिनेश अपने फोन को लेने पहुंचे, लेकिन मंदिर प्रशासन ने साफ कर दिया कि फोन मंदिर की संपत्ति रहेगा।

मंदिर प्रशासन का बयान मंदिर के कार्यकारी अधिकारी कुमारवेल ने कहा कि “हम स्पष्ट नहीं हैं कि उन्होंने इसे जानबूझकर चढ़ावा दिया या बाद में अपना विचार बदल दिया। हुंडी पूरी तरह से लोहे की बाड़ से सुरक्षित है। हालांकि, मंदिर प्रशासन ने दिनेश को उनकी सिम कार्ड लौटाने और फोन से डेटा डाउनलोड करने की अनुमति दी। हालांकि दिनेश ने नई सिम कार्ड ले ली है और फोन को लेकर अब आगे का फैसला मंदिर प्रशासन पर छोड़ दिया है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि जो भी वस्तु हुंडी में गिरती है, उसे देवता की संपत्ति मानकर मंदिर में रखा जाता है। इस मामले में, आईफोन भी उसी परंपरा के तहत मंदिर की देखरेख में रहेगा।

पढ़ें :- लखनऊ में मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश: शादी के नाम पर राजस्थान में बिकती थीं गरीब किशोरियां, ₹2.5 लाख से शुरू होती थी बोली

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...