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देश में कहीं अघोषित लॉकडाउन या मंदी की आहट तो नहीं? मोदी की अपील में छिपे हैं ये बड़े संकेत

By संतोष सिंह 
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नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान तनाव (US-Iran Tensions) के कारण होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बाधित है। इससे देश में तेल-गैस की कमी हो गई है। मध्य पूर्व में लगातार खराब होते हालात और खाड़ी संकट के बीच 10 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने जनता से संयम, ऊर्जा बचत, स्थानीय उत्पादों का उपयोग और एकजुटता की अपील की। उन्होंने कहा कि आज हमें वर्क फ्रॉम होम (Work from Home) जैसे उपायों की जरूरत है। जिन शहरों में मेट्रो है, वहां लोग मेट्रो का इस्तेमाल करें।

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पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi)  की इस अपील पर पूरा विपक्ष हमलावार हो गया है। खुद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Leader of the Opposition, Rahul Gandhi) ने मोर्चा संभालते हुए मोदी सरकार (Modi Government) पर निशाना साधा है। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने इसे सरकार की नाकामी करार दिया है। वहीं प्रधानमंत्री मोदी की इस अपील के बाद राजनीतिक पंडित कयास लगा रहे हैं कि कहीं ये अघोषित लॉकडाउन (Undeclared Lockdown) या देश में मंदी की आहट तो नहीं है?

बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी (Prime Minister Modi) का अभी तक रिकॉर्ड देखें तो पता चलता है कि वह जब कोई अपील करते हैं तो उसमें क सारे राज छिपे होते हैं। उनके हर शब्दों में कोई न कोई रहस्य छिपा होता है। ईरान युद्ध तो पिछले 2 महीने से चल रहा है। अब तक तो प्रधानमंत्री मोदी और सरकार के सभी मंत्री यही दावा करते आ रहे थे कि देश में तेल और गैस पर्याप्त मात्रा में रिजर्व भंडार मौजूद है। फिर अचानक ऐसा क्या हो गया कि प्रधानमंत्री मोदी को तेल और गैस बचाने और सोना नहीं खरीदने की अपील करनी पड़ी? पीएम मोदी (PM Modi) ने देश की जनता से जो अपील की है। तो हम यहां जानने की कोशिश करते हैं प्रधानमंत्री मोदी (Prime Minister Modi) की इस बड़ी अपील के पीछे क्या मायने हैं?

पहली अपील: पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करो, मेट्रो-EV अपनाओ

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प्रधानमंत्री मोदी ने देश की जनता से पहली अपील पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करने और मेट्रो-EV अपनाने के लिए किया है। इसकी वजह यह है कि भारत 85 प्रतिशत तेल बाहर से मंगाता है। वहीं क्रूड ऑयल की कीमत 120 डॉलर के पार पहुंच चुकी है। ईरान ने अमेरिका की शर्तों को मानने से इनकार कर दिया है। जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के नए शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ऐेसे में खाड़ी युद्ध के एक बार फिर से भड़कने का अंदेशा उत्पन्न हो गया है। अगर खाड़ी युद्ध फिर भड़कता है तो क्रूड ऑयल की कीमत 150 डॉलर के पार पहुंच सकती है। इतनी महंगी कीमत पर भारत तेल और गैस का आयात करता रहेगा तो भारत की विदेशी मुद्रा पर भार पड़ेगा। इसका असर देश की आर्थिक तरक्की और लोगों के जीवन पर पड़ेगा।

दूसरी अपील : 1 साल सोना मत खरीदो

प्रधानमंत्री मोदी ने देश की जनता से दूसरी अपील एक साल तक सोना नहीं खरीदने की है। बता दें कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना खरीदने वाला देश है। हम हर साल करीब 59 अरब डॉलर यानी लगभग पांच लाख करोड़ रुपए का सोना दूसरे देशों से खरीदता है। सिर्फ अप्रैल से सितंबर 2025 के छह महीनों में 26.51 अरब डॉलर का सोना आया था। दिवाली और शादी के सीजन में अक्टूबर 2025 में तो सोने का आयात 200 प्रतिशत उछल गया था। इससे व्यापार घाटे को रिकॉर्ड 41.68 अरब डॉलर तक पहुंचा दिया था। SBI रिसर्च के मुताबिक सोने की कीमत और रुपए की कमजोरी के बीच सीधा रिश्ता है। सोना महंगा होता है तो रुपया और टूटता है। साथ ही महंगा सोना खरीदने से विदेशी मुद्रा कम होगी। इससे देश मंदी की चपेट में आ सकता है।

तीसरी अपील : खेतों में खाद 50 फीसदी घटाओ, सौर पंप लगाओ

पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने तीसरी अपील देश के किसानों से की है। प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों से अपील कि वे रासायनिक खाद 50 प्रतिशत कम करें प्राकृतिक खेती अपनाएं। डीजल पंप की जगह सौर पंप लगाएं। डीजल पंप की जगह सौर पंप लगाने की अपील तेल के बढते दाम और कमी के कारण की है। जबकि भारत यूरिया की अपनी जरूरत का 25 प्रतिशत, फास्फेट का 90 प्रतिशत और पोटाश का पूरा 100 प्रतिशत विदेश से मंगाता है। 2023-24 में सिर्फ उर्वरक सब्सिडी का बोझ 1.75 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया था। यूरिया बनाने के लिए प्राकृतिक गैस चाहिए जो खुद आयात होती है। पश्चिम एशिया संकट में गैस महंगी हुई तो खाद महंगी हुई है। खाद कम करने से यह पूरी चेन टूटेगी। इसका असर देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर प्रत्यक्ष तौर पर पड़ेगा।

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चौथी अपील : 1 साल विदेश यात्रा टालो

पीएम ने नागरिकों से अपील की कि वे गैर जरूरी विदेश यात्रा, विदेश में छुट्टियां मनाने और विदेशी शादियों से बचकर और घरेलू पर्यटन और भारत के भीतर समारोह आयोजित करके विदेशी मुद्रा भंडार को संरक्षित करने में मदद करें। क्योंकि रुपया 85 से टूटकर 93 पर आ गया, डॉलर बचाना जरूरी है।

पांचवीं अपील : वर्क फ्रॉम होम करो

पीएम मोदी (PM Modi) ने पांचवीं अपील में वर्क फ्रॉम होम करने पर जोर दिया है। इसके पीछे सीधा हिसाब है। दफ्तर आने-जाने में रोजाना लाखों लीटर पेट्रोल-डीजल जलता है। कॉर्पोरेट कंपनियां अगर हफ्ते में कुछ दिन भी वर्क फ्रॉम होम लागू करें तो ईंधन की खपत और आयात का बोझ दोनों कम हो सकते हैं।

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