नई दिल्ली। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने तीन मई को हुई NEET परीक्षा लीक होने के बाद उसे रद्द कर दिया। इसको लेकर अब देशभर में सियासी बवाल मचा हुआ है। विपक्षी दल के नेता लगातार इसको लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं और मोदी सरकार को घेरने में जुटे हैं। अब कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि, केंद्रीय शिक्षा मंत्री तुरंत इस्तीफा दें। मोदी जी “परीक्षा-लीक पर चर्चा” कीजिये, चुप रहने से कुछ नहीं होगा।
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, मोदी सरकार में “अमृत काल” भर्ती-परीक्षा के छात्रों के लिए “मृत काल” साबित हो रहा है। खबरों के मुताबिक़ कई छात्र-छात्राओं ने NEET के पेपर लीक के सदमें से आत्महत्या की है। लखीमपुर खीरी के रितिक मिश्रा, दिल्ली की 20 वर्षीय अंशिका पांडेय, राजस्थान के झुंझुनूं से प्रदीप मेघवाल और गोवा में रह रहे बेंगलुरु के छात्र-सबने ये आत्मघाती क़दम उठाया है।
मोदी सरकार में "अमृत काल" भर्ती-परीक्षा के छात्रों के लिए "मृत काल" साबित हो रहा है।
खबरों के मुताबिक़ कई छात्र-छात्राओं ने NEET के पेपर लीक के सदमें से आत्महत्या की है।
लखीमपुर खीरी के रितिक मिश्रा,
दिल्ली की 20 वर्षीय अंशिका पांडेय,
राजस्थान के झुंझुनूं से प्रदीप मेघवाल,… pic.twitter.com/kHNgI3Uhl6पढ़ें :- BJP सरकार ने जनता पर “Digital Payments Tax” लगाकर बचत को भी तबाह करने की योजना बना दी: खरगे
— Mallikarjun Kharge (@kharge) May 16, 2026
किसी ने बचपन से सपना देखा, किसी ने परिवार की उम्मीदों के लिए सब कुछ दांव पर लगा दिया, सालों तैयारी की। लेकिन मोदी सरकार की भ्रष्ट और निकम्मी व्यवस्था ने उनके सपनों को रोंद दिया। मोदी राज में 90 से ज्यादा पेपर लीक हो चुके हैं। 9 करोड़ से ज्यादा छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं। बेरोजगारी की आग पहले ही युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही है। भाजपा संरक्षित पेपर लीक माफिया सरकार के निष्पक्ष व पारदर्शी तरीक़े से परीक्षा कराने के दावों की धज्जियां उड़ा रहा है।
उन्होंने आगे लिखा, प्रधानमंत्री मोदी जी अब तो खुद “फैक्ट चेक” करने लगे हैं… कल उन्होंने “Ease of Living” पर tweet किया, पर NEET पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्या पर चुप्पी साधे रहे। 2024 NEET पेपर लीक में जिन अधिकारियों पर सवाल उठे, उन्हें सज़ा नहीं मिली, बल्कि मलाईदार पद दे दिए गए। यही कारण है कि हर साल युवाओं का भविष्य लूटा जा रहा है। हालत ये है की अब Delhi Medical Association ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को भी पत्र लिखा है। अब पानी सिर के ऊपर जा चुका है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री तुरंत इस्तीफा दें। मोदी जी “परीक्षा-लीक पर चर्चा” कीजिये, चुप रहने से कुछ नहीं होगा।